नई दिल्ली 2 अप्रैल 2026: देश की राजनीति में जहाँ सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच बातचीत तक बंद है, वहाँ बुधवार को ‘संविधान सदन’ (पुराना संसद भवन) के बाहर एक ऐसी तस्वीर खिंची जिसने सबको हैरान कर दिया। भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बीच न केवल मुलाकात हुई, बल्कि दोनों के बीच बढ़ती ‘आत्मीयता’ ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है।
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सोनिया गांधी का हालचाल और पुरानी तहजीब
विजय गोयल ने खुद इस मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए बताया कि उन्होंने राहुल गांधी से मिलकर उनकी माता सोनिया गांधी के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) गोयल ने लिखा, “आज राहुल गांधी जी से आत्मीय मुलाकात हुई और उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।”

2014 के बाद बदले राजनीतिक माहौल में, जहाँ एक-दूसरे पर हमला करना ही दस्तूर बन गया है, विजय गोयल का यह कदम लोगों को ‘पुराने दिनों’ की याद दिला गया।
सोशल मीडिया पर ‘रीढ़ की हड्डी’ की चर्चा
जैसे ही यह फोटो वायरल हुई, कांग्रेस नेताओं और आम जनता ने विजय गोयल की ‘हिम्मत’ की दाद देनी शुरू कर दी। कांग्रेस के नेशनल मीडिया पैनलिस्ट सुरेंद्र राजपूत ने इसे “भाजपा में लोकतंत्र जिंदा रखने की कोशिश” बताया। वहीं कई यूजर्स ने कमेंट किया कि मोदी-शाह के कड़े अनुशासन और पार्टी प्रोटोकॉल के बावजूद राहुल गांधी से हाथ मिलाना और फोटो डालना वाकई बड़े दिल और साहस का काम है।
क्या बदल रही है हवा?
राजनीतिक पंडित इस छोटी सी मुलाकात के बड़े मायने निकाल रहे हैं। विजय गोयल, जो वर्तमान में ‘गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति’ के उपाध्यक्ष हैं, दिल्ली भाजपा के बड़े चेहरे रहे हैं। लोगों का कहना है कि नफरत और कड़वाहट के इस दौर में ऐसी ‘स्वस्थ लोकतांत्रिक तस्वीरें’ ही देश को जोड़े रख सकती हैं। जहाँ अन्य नेता नेहरू-गांधी परिवार को कोसने में व्यस्त हैं, वहां गोयल के इस शिष्टाचार ने उनकी इज्जत विरोधियों की नजर में भी बढ़ा दी है।
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