कोरबा 2 अप्रैल 2026। जिला दंडाधिकारी कुणाल दुदावत के निर्देशानुसार और सहायक औषधि नियंत्रक के मार्गदर्शन में औषधि विभाग द्वारा जिले में संचालित मेडिकल स्टोर्स का औचक निरीक्षण किया जा रहा है। यह कार्रवाई बिना प्रिस्क्रिप्शन के प्रतिबंधित नशीली दवाओं की बिक्री पर लगाम लगाने के उद्देश्य से की जा रही है।
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हाल ही में जिले के विभिन्न क्षेत्रों जैसे हरदी बाजार, पाली, बालको, भैसमा, ढेलवाडीह और छुरी स्थित कई मेडिकल स्टोर्स की जांच की गई थी। जांच के दौरान क्रय-विक्रय रिकॉर्ड में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित संचालकों को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया था।
इन दुकानों के लाइसेंस हुए सस्पेंड नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं देने पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए निम्नलिखित तीन फर्मों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं:
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अन्नपूर्णा मेडिकल स्टोर्स (हरदी बाजार)
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जीके मेडिकल स्टोर्स (पाली)
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गर्वित मेडिकल स्टोर्स (सोहागपुर)
निलंबन की अवधि के दौरान इन दुकानों से दवाओं का किसी भी प्रकार का क्रय-विक्रय पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। अन्य फर्मों से जवाब मिलने के बाद उन पर भी अग्रिम कार्रवाई प्रस्तावित है।
पुलिस और औषधि विभाग की संयुक्त कार्रवाई होगी तेज औषधि नियमों के अनुसार, नशे के रूप में दुरुपयोग होने वाली दवाओं को बिना डॉक्टर की पर्ची (प्रिस्क्रिप्शन) के बेचना दंडनीय अपराध है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में औषधि विभाग और पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रूप से जिले के सभी ब्लॉकों में चरणबद्ध तरीके से ऐसी कार्रवाई जारी रखी जाएगी।
इसके अतिरिक्त, कोसबाड़ी, मडवारानी और ढेलवाडीह कटघोरा स्थित दुकानों से दवाओं के नमूने भी लिए गए हैं, जिन्हें परीक्षण के लिए ‘राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर’ भेजा गया है। लैब रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस पूरी कार्रवाई के दौरान विभाग के औषधि निरीक्षक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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