नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध की आशंकाओं के कारण ईंधन की बढ़ती कीमतों की चिंताओं के बीच, भारत सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty) में कटौती करने की घोषणा की है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का मिला लाभ
यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में कुछ कमी देखी जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया सकारात्मक बयानों, जिसमें उन्होंने ईरान के साथ बातचीत के अच्छे संकेत दिए हैं, ने तेल बाजार की घबराहट को कम किया है। आयात पर अत्यधिक निर्भर होने के कारण कच्चे तेल के गिरते दाम भारत के लिए बड़ी राहत लेकर आए हैं।
क्या आम जनता को मिलेगी राहत?
सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य वैश्विक बाजार में आई राहत का कुछ हिस्सा उपभोक्ताओं तक पहुँचाना और भविष्य में कीमतों में उछाल के जोखिम को नियंत्रित करना है। हालांकि, रिटेल बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतें वास्तव में कितनी कम होंगी, इस पर सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया है।
बाजार में लौटी रौनक
तेल की कीमतों में नरमी का असर शेयर बाजार पर भी सकारात्मक पड़ा है। सभी प्रमुख सेक्टरों में खरीदारी बढ़ने से बाजार का मूड बेहतर हुआ है। फिर भी, निवेशक और विशेषज्ञ पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि वहां का तनाव सीधे तौर पर वैश्विक महंगाई और बाजार की दिशा तय करता है।
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