कोरबा। स्थानीय एनकेएच (NKH) सुपर-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने एक बार फिर अपनी विशेषज्ञता का लोहा मनवाया है। एक भीषण सड़क हादसे में मरणासन्न स्थिति में पहुँचे 20 वर्षीय युवक ऋषि कुमार को जटिल ब्रेन सर्जरी और 40 दिनों के गहन उपचार के बाद सफलतापूर्वक बचा लिया गया है।
भीषण टक्कर और नाजुक स्थिति
घटना 16 जनवरी की है, जब कसनिया ओवरब्रिज के पास ऋषि की दुपहिया वाहन की टक्कर एक ट्रैक्टर से हो गई थी। हादसे के बाद युवक अचेत था और उसके नाक-कान से लगातार रक्तस्राव हो रहा था। गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल एनकेएच अस्पताल रेफर किया गया।
जटिल सर्जरी और ‘डिकम्प्रेसिव क्रेनियोटॉमी’
जांच में मस्तिष्क के अंदर भारी रक्त जमाव (Blood Clot) और मल्टीपल फ्रैक्चर पाए गए। न्यूरोसर्जन डॉ. शिवानी के नेतृत्व में 17 जनवरी को आपातकालीन ‘डिकम्प्रेसिव क्रेनियोटॉमी’ की गई। इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन में:
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मस्तिष्क से लगभग 50 सीसी जमा हुआ रक्त निकाला गया।
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एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. रोहित मजूमदार और उनकी टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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मरीज को लंबे समय तक वेंटिलेटर और ट्रेकियोस्टॉमी सपोर्ट पर रखा गया।
परिजनों ने जताया आभार
लगभग 40 दिनों तक मौत से जूझने के बाद ऋषि अब पूरी तरह स्वस्थ है और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। भावुक परिजनों ने कहा कि उन्होंने उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टरों की मेहनत ने उनके बेटे को नया जीवन दिया है।
प्रमुख बिंदु: एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
| मरीज का नाम | ऋषि कुमार (20 वर्ष) |
| मुख्य डॉक्टर | डॉ. शिवानी (न्यूरोसर्जन) |
| सर्जरी का नाम | डिकम्प्रेसिव क्रेनियोटॉमी |
| उपचार की अवधि | 40 दिन |
| अस्पताल | एनकेएच सुपर-स्पेशियलिटी, कोरबा |








