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मौत को मात: कोरबा की महिला के दिमाग से निकला ‘गेंद’ जैसा ट्यूमर, डॉ. शिवानी ने दिया नया जीवन

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कोरबा 11 फरवरी। चिकित्सा विज्ञान के आधुनिक संसाधनों और डॉक्टरों के दृढ़ संकल्प ने एक बार फिर नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया है। न्यू कोरबा हॉस्पिटल (NKH) में  डॉ. शिवानी प्रगदा ने एक बेहद जटिल सर्जरी के जरिए 47 वर्षीय महिला के मस्तिष्क से गेंद के आकार का ट्यूमर निकालकर उन्हें मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकाला।

गंभीर स्थिति में पहुँची थी महिला

कुस्तमीरा निवासी ममता (परिवर्तित नाम) को अचानक दौरे पड़ने, लगातार उल्टी होने और चक्कर आने के कारण बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों ने तुरंत उन्हें ICU में शिफ्ट किया। जांच के दौरान MRI में पता चला कि उनके मस्तिष्क के दाहिने हिस्से में गेंद के आकार की एक बड़ी गांठ है, जिसे चिकित्सा विज्ञान में ‘मेनिंजियोमा ट्यूमर’ कहा जाता है। यह ट्यूमर दिमाग पर इतना दबाव डाल रहा था कि मरीज की जान को गंभीर खतरा था।

7 घंटे तक चला जटिल ऑपरेशन

मरीज की स्थिति को देखते हुए डॉ. शिवानी प्रगदा ने एनेस्थेटिस्ट और ओटी टीम के साथ मिलकर सर्जरी का फैसला लिया। करीब 7 घंटे तक चले इस मैराथन ऑपरेशन के बाद ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाल दिया गया। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ है। अब वह पूरी तरह स्वस्थ हैं, बातचीत कर रही हैं और उन्हें चलने-फिरने में भी कोई समस्या नहीं है।

अब महानगरों जाने की जरूरत नहीं: डॉ. एस. चंदानी

अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. एस. चंदानी ने बताया कि यह सफलता NKH की उन्नत चिकित्सा सुविधाओं और अनुभवी टीम का परिणाम है। उन्होंने कहा:

“जिस तरह हमने कैथलैब शुरू कर हृदय रोगियों की राह आसान की थी, उसी तरह अब 24×7 न्यूरो केयर विभाग के माध्यम से कोरबा के लोगों को मस्तिष्क संबंधी गंभीर बीमारियों का इलाज स्थानीय स्तर पर ही मिल रहा है। अब मरीजों को बड़े महानगरों की ओर भागने की जरूरत नहीं है।”

डॉ. शिवानी ने भी सलाह दी कि ब्रेन ट्यूमर का इलाज दवाओं से संभव नहीं है, सही समय पर की गई सर्जरी ही इसके लिए सबसे प्रभावी विकल्प है।

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