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मुंगेली कलेक्ट्रेट में बड़ी वित्तीय सेंधमारी: उपकर खाते से 26.87 लाख पार, बैंक कर्मचारी पर गहराया शक

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मुंगेली 5 फरवरी । छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में सरकारी धन की सुरक्षा को लेकर एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार कलेक्ट्रेट स्थित ‘पर्यावरण अधोसंरचना विकास उपकर’ (Cess) के आधिकारिक बैंक खाते से 26.87 लाख रुपये की कथित हेराफेरी का खुलासा हुआ है। इस बड़ी धोखाधड़ी ने जिला प्रशासन और बैंकिंग तंत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कैसे हुआ मामले का खुलासा?

जानकारी के अनुसार, यह मामला तब प्रकाश में आया जब विभाग द्वारा खातों का मिलान (Reconciliation) किया जा रहा था। बैंक स्टेटमेंट और विभागीय रिकॉर्ड के बीच एक बड़ा अंतर पाया गया। जब बारीकी से जांच की गई, तो पता चला कि खाते से बिना किसी वैध अनुमति के किस्तों में कुल 26.87 लाख रुपये निकाल लिए गए या अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिए गए हैं।

जांच के घेरे में बैंक कर्मी

जानकारी के अनुसार प्रारंभिक विभागीय जांच और बैंक के आंतरिक ऑडिट में एक बैंक कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। बताया जा रहा है कि उक्त कर्मचारी ने बैंकिंग प्रणाली की खामियों का फायदा उठाकर या आईडी-पासवर्ड का दुरुपयोग कर इस राशि का गबन किया। मामला उजागर होते ही बैंक प्रबंधन ने भी आंतरिक जांच तेज कर दी है और संबंधित कर्मचारी से पूछताछ की जा रही है।

प्रशासन में हड़कंप

कलेक्ट्रेट जैसे सुरक्षित संस्थान के खाते में सेंधमारी की खबर मिलते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। जिला कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। सूत्रों की मानें तो इस मामले में जल्द ही पुलिस में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जा सकती है।

इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि डिजिटल बैंकिंग के दौर में यदि निगरानी सख्त न हो, तो सरकारी खजाना भी सुरक्षित नहीं है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस राशि की रिकवरी कैसे करता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।