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बस्तर से अंबिकापुर तक बिछेगा रेल नेटवर्क, छत्तीसगढ़ बनेगा रेलवे का नया हब

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रायपुर ,3 फरवरी : छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी की नई इबारत लिखी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने राज्य की रेल अधोसंरचना के लिए ₹7,470 करोड़ का ऐतिहासिक बजट आवंटित किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इसे छत्तीसगढ़ के स्वर्णिम भविष्य की नींव बताते हुए प्रधानमंत्री और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया है।

कनेक्टिविटी का नया युग: बस्तर और सरगुजा को बड़ी सौगात

राज्य सरकार के प्रयासों से अब सुदूर वनांचल क्षेत्रों को मुख्य रेल नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है:

  • रावघाट-जगदलपुर रेल प्रोजेक्ट: बस्तर के जनजातीय समाज के लिए यह परियोजना एक ‘अमूल्य उपहार’ है, जो बस्तर की आर्थिक स्थिति को बदल देगी।

  • अंबिकापुर स्टेशन का आधुनिकीकरण: अमृत स्टेशन योजना के तहत अंबिकापुर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य पूर्ण हो चुका है, जिससे उत्तर छत्तीसगढ़ (सरगुजा) की कनेक्टिविटी मजबूत हुई है।

बुनियादी ढांचे में ‘सुपरफास्ट’ रफ्तार

मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान में ₹51,080 करोड़ के रेल कार्य प्रगति पर हैं। पिछले एक दशक (2014 से अब तक) में राज्य ने रेल क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है:

  1. 24 गुना बजट वृद्धि: 2009-14 के औसत ₹311 करोड़ से बढ़कर बजट अब ₹7,470 करोड़ पहुँच गया है।

  2. नया ट्रैक और विद्युतीकरण: लगभग 1,200 किलोमीटर नए रेल ट्रैक का निर्माण और राज्य में 100% विद्युतीकरण का कार्य पूरा किया जा चुका है।

  3. ट्रेनों की संख्या होगी दोगुनी: परमलकसा-खरसिया कॉरिडोर और नए फ्रेट कॉरिडोर की स्वीकृति के बाद राज्य में यात्री गाड़ियों की संख्या भविष्य में दो गुनी हो जाएगी।

आधुनिक सुविधा और सुरक्षा: वंदे भारत और ‘कवच’

छत्तीसगढ़ अब आधुनिक ट्रेनों के संचालन में भी अग्रणी है। वर्तमान में राज्य में 2 जोड़ी वंदे भारत और 1 जोड़ी अमृत भारत एक्सप्रेस संचालित हैं। सुरक्षा के लिहाज से रेलवे नेटवर्क को ‘कवच’ (स्वदेशी सुरक्षा प्रणाली) से लैस किया जा रहा है और 170 फ्लाईओवर/अंडरपास का निर्माण किया गया है।

“यह निवेश केवल बुनियादी ढांचा नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के व्यापार, पर्यटन, उद्योग और रोजगार में नई ऊर्जा का संचार करेगा। छत्तीसगढ़ अब देश के रेल मानचित्र पर एक ‘सेंट्रल हब’ के रूप में उभर रहा है।”विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री

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