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गरियाबंद: धान सत्यापन में लापरवाही पर तीन नोडल अधिकारी निलंबित, कलेक्टर की बड़ी कार्रवाई

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गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में धान उपार्जन कार्य में गंभीर लापरवाही बरतने पर कलेक्टर दीपक अग्रवाल (बी.एस. उइके) ने कड़ा रुख अपनाया है। जिले के विभिन्न केंद्रों में तैनात तीन नोडल अधिकारियों को उनके कर्तव्यों के निर्वहन में घोर लापरवाही और बिना भौतिक सत्यापन के डेटा एंट्री करने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

कार्रवाई का मुख्य विवरण:

  • उज्जवल शर्मा (ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी): विकासखंड फिंगेश्वर के धान उपार्जन केंद्र ‘पोखरा’ के नोडल अधिकारी थे। इन्होंने कार्यालय में बैठकर ही 74 किसानों के आवेदनों का फर्जी भौतिक सत्यापन कर दिया और पुराने फोटोग्राफ्स अपलोड कर दिए। इनका मुख्यालय अब अनुविभागीय कृषि अधिकारी कार्यालय, गरियाबंद तय किया गया है।

  • रेखराम साहू (सहायक आंतरिक लेखा परीक्षण एवं करारोपण अधिकारी): विकासखंड छुरा के ‘सांकरा’ केंद्र में तैनात थे। इन पर 129 किसानों के आवेदनों की बिना मौके पर जाए जांच करने और गलत प्रविष्टियां दर्ज करने का आरोप सिद्ध हुआ है।

  • राजकुमार साहू (सहायक आंतरिक लेखा परीक्षण एवं करारोपण अधिकारी): ये भी ‘सांकरा’ केंद्र के नोडल अधिकारी थे। इन्होंने 57 किसानों के धान का बिना वास्तविक सत्यापन किए रिपोर्ट जमा कर दी थी। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय जनपद पंचायत छुरा निर्धारित किया गया है।

यह कार्रवाई सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के अंतर्गत की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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