नई दिल्ली | the khatiya khadi news भारतीय जनता पार्टी (BJP) में सोमवार, 19 जनवरी 2026 को एक नए युग की आहट सुनाई दी। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन ने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। 45 वर्षीय नबीन भाजपा के इतिहास के सबसे युवा अध्यक्ष बनने जा रहे हैं। नामांकन के दौरान भाजपा मुख्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (प्रस्तावक के रूप में), रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और जे.पी. नड्डा सहित पार्टी के तमाम दिग्गज और राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे।आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज।
युवा ‘कप्तान’ और अनुभवी ‘टीम’
राजनीतिक गलियारों में नितिन नबीन की तुलना महेंद्र सिंह धोनी से की जा रही है। जिस तरह धोनी ने सचिन, गांगुली और द्रविड़ जैसे दिग्गजों की मौजूदगी में टीम इंडिया को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, ठीक वैसी ही चुनौती नबीन के सामने है। उन्हें राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और अमित शाह जैसे अनुभवी पूर्व अध्यक्षों के मार्गदर्शन में काम करते हुए संगठन को 2029 के महासमर के लिए तैयार करना है।
नितिन नबीन के सामने 10 प्रमुख चुनौतियां:
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दिग्गजों की विरासत: अटल-आडवाणी जैसे नेताओं द्वारा खड़ी की गई इस विशाल पार्टी की साख को बनाए रखना।
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वरिष्ठों से तालमेल: सरकार और संगठन में बैठे अनुभवी नेताओं के साथ सामंजस्य बिठाना।
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मिशन 2026: पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के आगामी विधानसभा चुनावों में जीत सुनिश्चित करना।
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भविष्य की पार्टी: 2029 तक भाजपा को ‘Gen-Z’ और नई पीढ़ी के मतदाताओं के लिए पहली पसंद बनाना।
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गुटबाजी पर लगाम: उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसी राज्य इकाइयों में जारी आंतरिक कलह को समाप्त करना।
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बिहार का सपना: अपने गृह राज्य बिहार में भाजपा को ‘बड़े भाई’ की भूमिका में लाकर अपना मुख्यमंत्री बनाना।
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विपक्ष को जवाब: सरकार की नीतियों पर विपक्ष के हमलों का तथ्यों के साथ मजबूती से मुकाबला करना।
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दक्षिण का विस्तार: तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में पार्टी के जनाधार को बढ़ाना।
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गठबंधन धर्म (NDA): सहयोगी दलों का विश्वास जीतना और उन्हें एकजुट रखना।
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संगठन-सरकार सेतु: करोड़ों कार्यकर्ताओं की भावनाओं को सरकार तक पहुँचाना और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक ले जाना।
नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, अब आज मंगलवार (20 जनवरी) को उनके नाम की औपचारिक घोषणा की जाएगी। यह नियुक्ति न केवल भाजपा के लिए एक ‘जनरेशनल शिफ्ट’ है, बल्कि 2029 के लिए पार्टी की लंबी रणनीति का हिस्सा भी मानी जा रही है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज।








