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अश्लील डांस कांड: एसडीएम की मौजूदगी में उड़ी नियमों की धज्जियां, जांच रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

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Dirty Dance Case

गरियाबंद , छत्तीसगढ़| 15 जनवरी, 2026 :  देवभोग थाना क्षेत्र के उरमाल गांव में आयोजित छह दिवसीय ओपेरा में हुए अश्लील डांस मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस पूरे प्रकरण की प्रशासनिक जांच पूरी हो चुकी है। जांच अधिकारी और अपर कलेक्टर पंकज डाहिरे ने अपनी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी है, जिसमें स्थानीय प्रशासन और आयोजन समिति की गंभीर लापरवाहियों का कच्चा चिट्ठा खोला गया है।

जांच में हुए चौंकाने वाले खुलासे

अपर कलेक्टर द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं जो प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाते हैं:

  • नाम मात्र का आवेदक: जिस नरेंद्र साहू को आयोजन समिति का अध्यक्ष बताकर आवेदन कराया गया था, उसे खुद इस बात की जानकारी नहीं थी कि उसके नाम से कोई अनुमति मांगी गई है।

  • नियमों की बलि: आयोजन की अनुमति देने से पहले न तो पुलिस विभाग से रिपोर्ट ली गई और न ही तहसीलदार से राय मशविरा किया गया। यहां तक कि जिस जमीन पर ओपेरा हुआ, उसके मालिक की लिखित सहमति तक नहीं ली गई थी।

  • सुपरफास्ट अनुमति: 29 दिसंबर को आवेदन दिया गया और बिना किसी वेरिफिकेशन के उसी दिन एसडीएम कार्यालय द्वारा अनुमति जारी कर दी गई।

कुर्सी की गरिमा तार-तार: ठुमके लगाते दिखे एसडीएम

जांच में यह पुष्टि हुई है कि आयोजन के दौरान एसडीएम न केवल वहां मौजूद थे, बल्कि मर्यादा भूलकर अश्लील गानों पर थिरकते भी नजर आए। 9 जनवरी के कार्यक्रम का वीडियो वायरल होने के बाद ही यह मामला प्रशासन के गले की फांस बना। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि एसडीएम की मौजूदगी ‘आनंद लेने’ के उद्देश्य से थी, न कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए।

पुलिसिया कार्रवाई: 15 वीं गिरफ्तारी और डांसर पर शिकंजा

मामले में पुलिस ने अब तक कुल 15 गिरफ्तारियां की हैं। ताजा कार्रवाई में ओडिशा के जाजपुर से डांसर सुचित्रा जेना को गिरफ्तार किया गया, जिसे बाद में मुचलके पर रिहा कर दिया गया।

  • फरार डांसर की तलाश: मुख्य डांसर निशा महाराणा की तलाश अब भी जारी है, जिसने सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर भीड़ इकट्ठा की थी।

  • आयोजक जेल में: इससे पहले पुलिस 14 आयोजकों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत गिरफ्तार कर चुकी है।

आगे क्या? अब यह रिपोर्ट अंतिम टिप्पणी के लिए कमिश्नर को भेजी जाएगी। माना जा रहा है कि नियमों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों और दोषियों पर जल्द ही कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की गाज गिर सकती है।

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