रायपुर, छत्तीसगढ़ 12 जनवरी 2026। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के लिए ‘अति विशिष्ट रेल सेवा पुरस्कार’ की खुशी उस समय विवादों में घिर गई, जब इस सफलता का जश्न यात्रियों की परेशानी का कारण बन गया। रायपुर स्टेशन पर वरिष्ठ अधिकारियों के अभिनंदन के लिए नई दिल्ली-बिलासपुर राजधानी एक्सप्रेस को रोक दिया गया। जिस ट्रेन को समय की पाबंदी के लिए जाना जाता है, उसे अधिकारियों के स्वागत समारोह की खातिर खड़ा देख यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा।
जश्न के आगे समय की पाबंदी दरकिनार
बीते दिनों नई दिल्ली में आयोजित एक गरिमामय समारोह में SECR को उत्कृष्ट कार्यों के लिए तीन प्रतिष्ठित शील्ड प्रदान की गई थीं। रविवार को जब पीसीसीएम (PCCM) प्रवीण पांडे और अन्य वरिष्ठ अधिकारी पुरस्कार लेकर रायपुर स्टेशन पहुंचे, तो वहां पहले से ही भारी संख्या में रेलकर्मी और समर्थक जमा थे। ढोल-नगाड़ों और फूलों के साथ आयोजित इस भव्य स्वागत कार्यक्रम के दौरान रेल परिचालन के नियमों को ताक पर रख दिया गया। पहले से विलंब से चल रही राजधानी एक्सप्रेस को स्टेशन पर ही रोक लिया गया ताकि स्वागत की औपचारिकताएं पूरी की जा सकें।
सेवा का पुरस्कार और कुप्रबंधन का नजारा
विडंबना यह है कि यह पुरस्कार यात्रियों को ‘बेहतर सेवा’ देने के लिए मिला था, लेकिन रविवार को उसी सेवा की धज्जियां उड़ती दिखीं। कोच के अंदर बैठे यात्री यह देखकर दंग थे कि बाहर अधिकारी अपनी उपलब्धि का जश्न मना रहे हैं और ट्रेन को सिग्नल नहीं दिया जा रहा है।
यात्रियों ने सवाल उठाया कि क्या रेलवे की उपलब्धियां यात्रियों की सुविधा से ऊपर हैं? रेल मदद (139) पर त्वरित समाधान का दावा करने वाले विभाग ने खुद ही यात्रियों के लिए ऐसी स्थिति पैदा कर दी, जिसमें वे घंटों परेशान होते रहे।
उपलब्धि पर सवालिया निशान
SECR ने पिछले चार वर्षों में यात्री सुविधाओं में 11वें स्थान से पहले स्थान तक का सफर तय किया है। अधिकारियों का कहना है कि यह सफलता पूरे स्टाफ की मेहनत का परिणाम है। हालांकि, रविवार की घटना ने इस चमक को थोड़ा धुंधला कर दिया है। सोशल मीडिया पर भी यात्रियों ने इस ‘वीआईपी कल्चर’ की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि पुरस्कार का असली हकदार तब माना जाता जब यात्री अपने गंतव्य पर समय से और बिना किसी बाधा के पहुंचते।








