Chhattisgarh Politics | छत्तीसगढ़ की सत्ताधारी पार्टी भाजपा के भीतर अंतर्कलह और खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। वरिष्ठ नेता और रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल तथा विष्णु देव साय सरकार के कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव के बीच ‘भारत स्काउट्स एंड गाइड्स’ (BSG) के प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर शुरू हुआ विवाद अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के दरवाजे तक जा पहुंचा है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज।

विवाद की जड़: कौन है असली अध्यक्ष?
विवाद की शुरुआत 13 दिसंबर 2025 को हुई, जब स्कूल शिक्षा विभाग ने एक आदेश जारी कर पहली बार के विधायक और नवनियुक्त कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव को BSG का पदेन (ex officio) अध्यक्ष मनोनीत कर दिया।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस फैसले को अवैध बताते हुए चुनौती दी है। उनका तर्क है कि वे इस पद पर विधिवत निर्वाचित हुए थे और नियमावली के अनुसार, अध्यक्ष का कार्यकाल 5 वर्ष या राज्य परिषद की अवधि तक होता है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज।
जंबूरी पर संकट और वित्तीय अनियमितता के आरोप
9 से 13 जनवरी तक बालोद में आयोजित होने वाली नेशनल रोवर-रेंजर जंबूरी इस विवाद का केंद्र बिंदु बनी हुई है। इस आयोजन में देश-विदेश से लगभग 15,000 प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है।
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कार्यक्रम स्थगन की घोषणा: 6 जनवरी को बृजमोहन अग्रवाल ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर प्रशासनिक विवादों और ‘गंभीर वित्तीय अनियमितताओं’ का हवाला देते हुए जंबूरी को स्थगित करने की घोषणा कर दी थी।
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कोर्ट का रुख: अगले ही दिन, अग्रवाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। उनके वकील किशोर भादुड़ी के अनुसार, सरकार द्वारा अध्यक्ष को हटाना गैरकानूनी है। साथ ही, उन्होंने बिना टेंडर के फंड ट्रांसफर करने और वेन्यू (स्थान) को नवा रायपुर से बालोद बदलने पर भी सवाल उठाए हैं।
सरकार और विपक्ष का पक्ष
इतने विरोध के बावजूद, राज्य सरकार अपने फैसले पर अडिग है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जंबूरी अपने तय समय पर बालोद में ही आयोजित होगी।
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कांग्रेस का हमला: विपक्ष ने इस स्थिति को भाजपा की आंतरिक गुटबाजी और भ्रष्टाचार का सबूत बताया है। कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा, “भाजपा नेता श्रेय लेने और भ्रष्टाचार की मलाई बांटने के लिए आपस में लड़ रहे हैं।” कांग्रेस ने इस मामले में एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) में शिकायत भी दर्ज कराई है।
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मंत्री का बचाव: कैबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव ने भ्रष्टाचार के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे सरकार को बदनाम करने की साजिश करार दिया है।
क्या होगा आगे?
दिल्ली से लौटने के बाद बृजमोहन अग्रवाल ने साफ कर दिया है कि उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को अवगत करा दिया है कि उनके साथ हुआ व्यवहार अवैध है। अब सभी की निगाहें हाईकोर्ट के फैसले और इस जंबूरी के सफल आयोजन पर टिकी हैं।








