“Fatal Warning: Sleeping with Heater in Closed Room Proves Costly for Doctor’s Family; 4 Critical After Suffocation”
नई दिल्ली/स्थानीय ब्यूरो सर्दियों में ठंड से बचने के लिए अपनाया गया एक उपाय एक डॉक्टर परिवार के लिए काल बनते-बनते रह गया। बंद कमरे में रात भर हीटर जलाकर सोने के कारण एक ही परिवार के चार सदस्य बेहोश हो गए। समय रहते परिजनों की आंख खुलने और पड़ोसी की मदद से एक बड़ा हादसा टल गया और चारों की जान बाल-बाल बच गई।
क्या है पूरा मामला?
घटना बीते बुधवार रात की है, जहाँ शहर के जाने-माने डॉक्टर अपने परिवार के साथ कमरे में अंगीठी/हीटर जलाकर सोए थे। ठंड अधिक होने के कारण उन्होंने कमरे के खिड़की-दरवाजे पूरी तरह बंद कर दिए थे। देर रात कमरे में ऑक्सीजन का स्तर कम हो गया और कार्बन मोनोऑक्साइड गैस भरने लगी।
सुबह जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो घर के अन्य सदस्यों ने शोर मचाया। दरवाजा तोड़ने पर देखा गया कि डॉक्टर, उनकी पत्नी और दो बच्चे अचेत अवस्था में पड़े थे। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहाँ अब उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
क्यों खतरनाक है बंद कमरे में हीटर?
विशेषज्ञों के अनुसार, जब किसी बंद जगह पर हीटर या अंगीठी जलती है, तो वह कमरे की ऑक्सीजन सोख लेती है। इसके बदले में जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) गैस निकलती है। यह गैस रंगहीन और गंधहीन होती है, जिससे सो रहे व्यक्ति को पता भी नहीं चलता कि उसका दम घुट रहा है और वह धीरे-धीरे कोमा में चला जाता है।
डॉक्टरों की सलाह: > “हीटर का प्रयोग करते समय कमरे का कोई एक हिस्सा (खिड़की या रोशनदान) खुला रखें ताकि ताजी हवा आती रहे। सोने से पहले हीटर बंद कर देना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।”
बचाव के मुख्य टिप्स:
-
हीटर या अंगीठी को कभी भी पूरी रात जलता न छोड़ें।
-
कमरे में क्रॉस-वेंटिलेशन (हवा की आवाजाही) सुनिश्चित करें।
-
सांस या दिल के मरीजों के पास हीटर का प्रयोग कम करें।
-
कमरे में पानी से भरा कटोरा रखें ताकि नमी बनी रहे।








