Prime Minister Modi’s address from the ramparts of Red Fort on Independence Day: A new story of change in Bastar
दिल्ली/रामपुर (the khatiya khadi news): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 79 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र की नई पहचान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बस्तर अब बदलाव की मिसाल बन चुका है, जहां युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा को नई दिशा देने वाले आयोजनों ने इस क्षेत्र को प्रगति की राह पर आगे बढ़ाया है।
बस्तर में परिवर्तन
– *नक्सलवाद की घटती छवि*: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बस्तर अब नक्सलवाद और हिंसा की छवि से दूर होकर विकास और प्रगति की नई कहानी लिख रहा है। पिछले 11 वर्षों में नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या 125 से घटकर केवल 20 रह गई है, जो सुरक्षा एजेंसियों और सरकार के ठोस प्रयासों का परिणाम है।
– *खेलों की गूंज*: बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों ने युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा को एक नई दिशा दी है, जिससे अब बंदूक की जगह खेलों की गूंज सुनाई देती है।
बस्तर की नई पहचान
– *शिक्षा, खेल और रोजगार*: बस्तर में अब शिक्षा, खेल, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे यह क्षेत्र देश के लिए शांति, प्रगति और गौरव की नई कहानी बन रहा है।
– *आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा*: प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास जताया कि बस्तर की यह नई पहचान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
प्रधानमंत्री मोदी का यह संबोधन देश के विकास और प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें बस्तर जैसे क्षेत्रों को नई पहचान दिलाने पर जोर दिया गया है ।








