Latest News
गणेशोत्सव जुलूस के दौरान डीजे पर नाचने को लेकर विवाद, चाकूबाजी में 16 वर्षीय किशोर की मौत भारत की थाली का सच: क्या भारत केवल शाकाहारी देश है? BRICS डिनर, राहुल गांधी का दावा और भारतीय खान-पान का इतिहास कैल्शियम स्कोर सही, तो भी दिल की बीमारी का खतरा? जानिए क्या कहती है 10 साल की यह नई रिसर्च कोरबा में आसमान में दिखा अद्भुत नजारा: अर्धचंद्र के ऊपर चमका बेहद खूबसूरत तारा, जानें क्या है इसका खगोलीय सच बालको मेडिकल सेंटर के चौथे वार्षिक बीएमसी छत्तीसगढ़ कैंसर कॉन्क्लेव में शामिल होंगे देश-दुनिया के कैंसर विशेषज्ञ गणेशोत्सव से पहले कोरबा पुलिस का बड़ा एक्शन: एक ही दिन में 105 अपराधियों पर कार्रवाई, 60 वारंटी भेजे गए जेल
Home » छत्तीसगढ़ » छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा का उत्सव: हरेली तिहार का आयोजन

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा का उत्सव: हरेली तिहार का आयोजन

Share:

Celebrating the cultural soul of Chhattisgarh: Organizing Hareli Tihar

छत्तीसगढ़/रायपुर 24 जुलाई:छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और कृषि परंपरा का प्रतीक हरेली तिहार इस वर्ष 24 जुलाई को मुख्यमंत्री निवास में मनाया जाएगा। यह आयोजन छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिसमें लोकजीवन की विविध रंगतें और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा।

हरेली तिहार का महत्व

हरेली तिहार छत्तीसगढ़ की कृषि परंपरा और लोकसंस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह पर्व किसानों के प्रति सम्मान का भाव प्रकट करता है और प्रदेश की लोकभावना और पारंपरिक धरोहर का जीवंत उत्सव है।

कार्यक्रम की विशेषताएं

लोकनृत्य और प्रस्तुतियाँ :

आयोजन में छत्तीसगढ़ के विविध अंचलों से आए लोक कलाकारों द्वारा गेड़ी नृत्य, राउत नाचा आदि लोकनृत्यों की प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी। यहां सावन झूला और सवनाही रामायण पाठ दर्शकों के आकर्षण का केन्द्र होगा।

कृषि यंत्रों की पूजा :

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कृषि यंत्रों एवं औजारों की पूजा करेंगे, जो हरेली पर्व की मुख्य परंपरा है। पारंम्परिक से लेकर आधुनिक यंत्रों की विस्तृत भी लगाई जाएगी जिससे नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ की कृषि परंपराओं और यांत्रिकी प्रगति का परिचय मिलेगा

पारंपरिक खेल और लोककला प्रदर्शनी :

कार्यक्रम में बच्चों के लिए परंपरागत खेल और लोककला प्रदर्शनी भी आयोजित की जा रही हैं। हरेली तिहार को इस बार केवल एक त्योहार नहीं बल्कि पर्यावरण, परंपरा और प्रगति के मिलन के रूप प्रस्तुत किया जायेगा।

मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेशवासियों को हरेली की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि हरेली पर्व केवल खेती और हरियाली का नहीं, बल्कि हमारे लोकजीवन, परंपरा और प्रकृति के साथ सहअस्तित्व का उत्सव है। हमारी सरकार इस सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हरेली तिहार के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में होने वाला यह आयोजन छत्तीसगढ़ के ग्रामीण लोकसंस्कृति को न केवल संरक्षित करने की दिशा में एक प्रयास है, बल्कि उसे सार्वजनिक जीवन के केंद्र में लाने की प्रेरक पहल भी है।

#मुख्यमंत्रीविष्णुदेवसाय #हरेलीतिहार

Leave a Comment

latest news