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नोटिस का मामला CM तक पहुंचा,नेता प्रतिपक्ष ने कहा अफसर अपने दायरे में रहे, पूर्व मंत्री जयसिंह ने कहा ” ना मैं कलेक्टर का कर्मचारी हूं और न ही मातहत अधिकारी… उन्हें मुझे ऐसे निर्देश देने का अधिकार नहीं

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The matter of notice reached the CM, the Leader of Opposition said that the officers should stay within their limits, former minister Jai Singh said “Neither am I an employee of the collector nor a subordinate officer… he has no right to give me such instructions

छत्तीसगढ़ रायपुर/कोरबा 17 जुलाई। कांग्रेस नेता व पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल और कलेक्टर अजीत वसंत के बीच एक फोटो को लेकर विवाद हो गया है,पूरा मामला मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के संज्ञान में लाया गया हैं. इसके बाद राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई हैं।जयसिंह अग्रवाल ने अपने फेसबुक प्रोफाइल पर एक फोटो पोस्ट की थी, जिसमें पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर की फोटो थी। कोरबा कलेक्टर अजीत वसंत ने इसे दुर्भावनापूर्ण तरीके से पोस्ट करने का आरोप लगाया है और पोस्ट हटाने का निर्देश देने के साथ नोटिस भी जारी कर दी। इसके बाद मामला और गहरा गया।

बता दे की कोरबा में राज्यपाल रमेन डेका के दौरे के दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता ननकीराम कंवर की उनसे मुलाकात की फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर राजनीति गरमा गई है।

नोटिस के बाद पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल की तीखी प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेता एवं पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने इस प्रकरण पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि “ना मैं कलेक्टर का कर्मचारी हूं और न ही मातहत अधिकारी। उन्हें मुझे ऐसे निर्देश देने का अधिकार नहीं है।” जयसिंह अग्रवाल ने पोस्ट हटाने से इंकार कर दिया।उन्होंने कहा कि अगर निवेदन करते तो शायद वे पोस्ट हटा सकते थे, लेकिन अब नहीं हटाएंगे।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कलेक्टर नोटिस वापस ले

विधानसभा परिसर में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत भी इस पूरे प्रकरण में सामने आए और कलेक्टर द्वारा जारी नोटिस की शब्दावली पर कड़ा ऐतराज जताया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि ननकीराम कंवर की फोटो वायरल होने पर पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने जो कहा, उसमें कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने कहा, “कलेक्टर को अपना नोटिस वापस लेना चाहिए। अफसर अपनी सीमा से बाहर जाकर कार्य न करें।”

गौरतलब है कि राज्यपाल के कोरबा प्रवास के दौरान एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी, जिसे लेकर प्रशासन की ओर से आपत्ति जताते हुए पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को नोटिस जारी किया गया है। इसके बाद सियासी गलियारों में इस मुद्दे को लेकर घमासान शुरू हो गया है।

पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल की फेसबुक पोस्ट

पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने अपने फेसबुक प्रोफ़ाइल में 14 जुलाई 2025 को एक फोटो पोस्ट करते हुए लिखा छत्तीसगढ़ के वरिष्ठतम आदिवासी नेता का अपमान बहुत ही कष्टप्रद है । छत्तीसगढ़ के वरिष्ठतम आदिवासी नेता,पूर्व मंत्री श्री ननकी राम कंवर खड़े है। जबकि महामहिम राज्यपाल श्री रमेन डेका जी के साथ कलेक्टर अजीत वसंत बैठे हुए हैं।यह जान और सुनकर अत्यंत पीड़ा हुई।

 

कलेक्टर अजीत वसंत की नोटिस

पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल को जारी नोटिस में कहा गया है कि- आपके द्वारा दिनांक 14.07.2025 को आपके फेसबुक प्रोफाइल पर एक छवि पोस्ट की गई है। उक्त पोस्ट के संबंध में वस्तुस्थिति यह है कि, उक्त कक्ष में श्री ननकी राम कंवर, पूर्व मंत्री छ.ग. शासन के बैठक हेतु पूर्व निर्धारित व्यवस्था थी। श्री ननकी राम कंवर जी के कक्ष में प्रवेश करते ही मेरे द्वारा उनका अभिवादन किया गया, जिसकी पुष्टि की जा सकती है। उसके पश्चात् वे अपने हेतु निर्धारित स्थान पर बैठे। उक्त तस्वीर तब की ली गई है, जब वे ज्ञापन देने हेतु कुछ देर के लिए खड़े हुए थे।
यह स्पष्ट है कि, आपके द्वारा उक्त तस्वीर को दुर्भावनापूर्ण तरीके से प्रचारित-प्रसारित किया गया है। आपका यह कृत्य सामाजिक वर्गों के बीच विद्वेष फैलाने की मंशा रखता है, साथ ही शासन तथा प्रशासन की छवि धूमिल कर आम नागरिकों के मन में असंतोष की भावना को जन्म देने हेतु लक्षित है।
अतः आपको निर्देशित किया जाता है कि, उक्त पोस्ट को तत्काल डिलीट करें। ऐसा न करने की दशा में आम नागरिकों के मन में शासन तथा प्रशासन के प्रति असंतोष की भावना उत्पन्न होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है, जो कि भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत एक दण्डनीय अपराध की श्रेणी में आता है

आगे क्या होगा
इस विवाद को लेकर आगामी दिनों में टकराव बढ़ने की संभावना है और देखना होगा कि यह मामला आगे कितना विस्तार लेता है या फिर बीच का कोई रास्ता निकाला जाता हैं। कांग्रेस नेताओं के तेवर नोटिस के मामले में काफी उग्र हैं. पूरा मामला मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के संज्ञान में लाया गया हैं। इसके बाद सियासी सरगर्मी और भी ज्यादा बढ़ गई हैं सब की निगाहें इस मामले पर टिकी हुई हैं की आगे क्या होता हैं.

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