Latest News
कोरबा: 46 साल बाद फिर बेदखली का दंश झेलने को मजबूर जरहाजेल के विस्थापित, किसान सभा ने दी सड़क पर उतरने की चेतावनी तमिलनाडु BJP में घमासान: क्या के. अन्नामलाई थामेंगे नया रास्ता? अमित शाह और शीर्ष नेतृत्व से दिल्ली में बड़ी बैठक 🚂 रायपुर और कोरबा के बीच चलने वाली “हसदेव एक्सप्रेस” अब रोजाना दौड़ेगी, दो अलग-अलग ट्रेन नंबरों के झंझट से मिली मुक्ति दिल दहला देने वाला हादसा: गोद में मासूम को लेकर ट्रेन के आगे कूदी मां, महिला की मौत, डेढ़ साल का बच्चा गंभीर NEET विवाद: जब कट्टर विरोधी दिग्विजय सिंह को हुआ पीएम मोदी पर ‘भरोसा’, कांग्रेस में मची खलबली! मोबाइल की खराब बैटरी बनी काल: खेलते-खेलते ब्लास्ट, 1 साल के मासूम की दर्दनाक मौत
Home » Uncategorized » बीजापुर में माओवादियों की बर्बरता: दो शिक्षा दूतों की हत्या, पहले जबरन धर से उठाया फिर मौत के घाट उतारा

बीजापुर में माओवादियों की बर्बरता: दो शिक्षा दूतों की हत्या, पहले जबरन धर से उठाया फिर मौत के घाट उतारा

Share:

छत्तीसगढ़/बीजापुर 15 जुलाई 2025:छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में माओवादियों ने दो शिक्षा दूतों की हत्या कर दी है। यह घटना फरसेगढ़ थाना क्षेत्र के पीलूर गांव में हुई, जहां माओवादियों ने सोमवार शाम को दोनों शिक्षकों को अगवा कर लिया और मंगलवार सुबह जंगल में उनके शव बरामद हुए।मृतक शिक्षादूतों की पहचान पिल्लूर निवासी विनोद मड्डे (32 वर्ष) जो कोंडापड़गु प्राथमिक शाला में पदस्थ थे. दूसरे शिक्षा दूत की पहचान सुरेश मेटा (28 वर्ष) के रूप में हुई है जो प्राथमिक शाला, टेकमेटा में पदस्थ थे. दोनों के शव गांव के पास जंगल में फेंके गए मिले हैं.

*हत्या की वजह*

माओवादियों ने दोनों शिक्षा दूतों पर मुखबिरी करने का आरोप लगाया है। पुलिस का मानना है कि मुखबिरी के शक में ही दोनों की हत्या की गई होगी। आशंका है कि स्कूलों के दोबारा खुलने से नाराज माओवादियों ने इस वारदात को अंजाम दिया हो।

*पुलिस की कार्रवाई*

पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। गांव में इस दोहरे हत्याकांड से भय और आक्रोश का माहौल है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है, वहीं स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई है।

*क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था*

फिलहाल इस मामले की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन सतर्क हो गया है और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस की टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हुई हैं।

*शिक्षकों की सुरक्षा*

बस्तर में शिक्षकों की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बन गई है। हाल ही में बंद पड़े स्कूलों को दोबारा खोला गया था और इन्हीं स्कूलों में दोनों शिक्षा दूतों की ड्यूटी लगी थी। शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन को कड़े कदम उठाने की जरूरत है ।

मुखबिरी के शक में अबतक हुई हत्याएं

▪️2 जुलाई 2025: बीजापुर के उसूर में युवक की हत्या, मुखबिरी का आरोप
▪️20 फरवरी 2025: दंतेवाड़ा में पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाकर दो लोगों की नक्सलियों ने की हत्या
▪️4 फरवरी 2025: दंतेवाड़ा के ककाड़ी के रहने वाले हड़मा हेमला की हत्या, पुलिस मुखबिरी का आरोप
▪️21 दिसंबर 2024: बीजापुर में नक्सलियों ने कथित जनअदालत लगाकर एक ही परिवार के 2 लोगों की हत्या की
▪️11 दिसंबर 2024: बीजापुर के फरसेगढ़ में युवक पर मुखबिरी का आरोप लगाकर हत्या
▪️6 दिसंबर 2024: बासागुड़ा थाना इलाके के तिम्मापुर गांव में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की हत्या
▪️8 दिसंबर 2024: मद्देड़ इलाके के लोदेड़ गांव में 40 साल की महिला की हत्या
▪️12 नवंबर 2024: बीजापुर में ग्रामीण माड़वी दुलारू की हत्या, पुलिस मुखबिर का आरोप
▪️29 अक्टूबर 2024: बीजापुर में 35 साल के ग्रामीण दिनेश पुजार की हत्या
▪️23 अक्टूबर 2024: सुकमा में ग्रामीण को अगवा कर उसकी हत्या की थी.
▪️19 अक्टूबर 2024: सुकमा में पुलिस मुखबिरी के शक में युवक की हत्या
▪️25 सितंबर 2024: सुकमा के भंडारपदर गांव में 50 साल के ग्रामीण पीट पीटकर हत्या
▪️12 सितंबर 2024: बीजापुर के जप्पेमरका में 2 ग्रामीणों का अपहरण कर फांसी पर लटकाया
▪️28 अगस्त 2024:बीजापुर के मिरतुर में 27 साल के युवक की तिमनार गांव में हत्या
▪️28 अगस्त 2024: भैरमगढ़ में नक्सलियों ने की युवक की हत्या
▪️23 अगस्त 2024: गंगालूर थाना इलाके के पूसनार गांव के जमींदार की हत्या
▪️11 अगस्त 2024: कोंटा में उप सरपंच की हत्या
▪️11 जुलाई 2024: सुकमा में नक्सलियों ने की युवक की हत्या

Leave a Comment