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जाने कौन हैं रावतपुरा सरकार ? CBI ने मेडिकल कॉलेज रिश्वतकांड में श्री रविशंकर महाराज सहित 35 लोगों के खिलाफ की कार्रवाई

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नई दिल्ली/रायपुर: CBI ने मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध संत व रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन रविशंकर महाराज के खिलाफ FIR दर्ज की है. उनके खिलाफ ये FIR कॉलेज को मान्यता देने और सीटें बढ़ाने के लिए नेशनल मेडिकल काउंसिल यानी NMC की टीम को रिश्वत देने के मामले में दर्ज कराई गई है.

दरअसल CBI को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि NMC के कुछ अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग करते हुए रिश्वत लेकर निजी मेडिकल कॉलेजों की मान्यता रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं. इसी सूचना के आधार पर CBI ने ट्रैप तैयार किया और बेंगलुरू में इंस्पेक्शन टीम के एक डॉक्टर को 55 लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया. वैसे रावतपुरा सरकार की मुश्किलें यहीं खत्म होती नहीं दिख रही है. रायपुर स्थित रावतपुरा सरकार के इस मेडिकल कॉलेज का जीरो ईयर भी घोषित किया जा सकता है.

इस पूरी जांच में श्री रावतपुरा समेत आठ राज्यों के मेडिकल कालेज प्रबंधन से पैसे लेकर मान्यता देने का मामला सामने आया है.

CBI ने छापे की ये कार्रवाई बीते 1 जुलाई को की. CBI टीम ने तब कर्नाटक, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान,उत्तर प्रदेश और दिल्ली समेत 6 राज्यों में
CBI ने 40 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी कर कई मेडिकल कॉलेजों में हड़कंप मचा दिया है। ऐसे कॉलेजों में रायपुर के रावतपुरा सरकार इंस्टिट्यूट का नाम भी सामने आया है।

जिसमें तीन डॉक्टर समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. अब CBI ने इसी मामले में श्री रावतपुरा सरकार मेडिकल साइंस और उसके चेयरमैन श्री रविशंकर जी महाराज और निदेशक अतुल तिवारी समेत 35 लोगों को आरोपी बनाया है. अब आप ये जान लीजिए कि किन-किन लोगों को आरोपी बनाया गया है.

FIR में दर्ज नामों पर एक नज़र –

देशभर के कई राज्यों में छापेमारी के बाद CBI की FIR भी सामने आ गई है। इसमें जिन नामों का उल्लेख किया गया है, उनमें –

1. श्री मयूर रावल — रजिस्ट्रार, गीतांजलि विश्वविद्यालय, उदयपुर, राजस्थान
2. श्री आर. रणदीप नायर — प्रोजेक्ट हेड, टेकइंफी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड, मकान नंबर 52B, 1.2 ब्लॉक, प्रथम तल, गेट नंबर 11, डीडीए फ्लैट्स, कालकाजी, नई दिल्ली
3. श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड रिसर्च (SRIMSR), रायपुर, छत्तीसगढ़
4. श्री रवि शंकर जी महाराज — चेयरमैन, श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड रिसर्च (SRIMSR), रायपुर, छत्तीसगढ़

5.श्री अतुल कुमार तिवारी — निदेशक, श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड रिसर्च, नया रायपुर, छत्तीसगढ़
6.श्री डी.पी. सिंह — चांसलर, टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज़, मुंबई
7.डॉ. अतिन कुंडू, पिता श्री एन.के. कुंडू — श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड रिसर्च, नया रायपुर
8.श्री लक्ष्मीनारायण चंद्राकर — लेखापाल, श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड रिसर्च, नया रायपुर
9.श्री संजय शुक्ला, पिता श्री कृपा शंकर शुक्ला — श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड रिसर्च, नया रायपुर
10।डॉ. मंजप्पा सीएन — प्रोफेसर एवं एचओडी (ऑर्थोपेडिक्स), मंड्या इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, बैंगलोर-मैसूरु मुख्य मार्ग, मंड्या, कर्नाटक — एनएमसी निरीक्षण टीम के सदस्य
11.डॉ. सतीश, बैंगलोर
12.डॉ. चैत्रा एमएस — एनएमसी निरीक्षण टीम की सदस्य
13.डॉ. पी. रजिनी रेड्डी — एनएमसी निरीक्षण टीम की सदस्य
14.डॉ. अशोक शेल्के — एनएमसी निरीक्षण टीम के सदस्य
15.डॉ. बी. हरि प्रसाद — मकान संख्या 3/170, कुम्मारवंडला पल्ली, कदिरी, अनंतपुर, आंध्र प्रदेश
16.डॉ. अंкам रामबाबू — पेंटहाउस, पार्क व्यू जीएस अपार्टमेंट्स, श्रीनगर पार्क के पास, श्रीनगर कॉलोनी, हैदराबाद
17.डॉ. कृष्ण किशोर — मकान संख्या 49-11-5, ललिता नगर, अक्कय्यापालेम, विशाखापत्तनम
18.श्री वेंकट — निदेशक, गायत्री मेडिकल कॉलेज, विशाखापत्तनम
19.फादर जोसेफ कोम्मारेड्डी — फादर कोलंबो इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, वारंगल
20.सुश्री शिवानी अग्रवाल — सहायक प्रबंध निदेशक एवं प्रमुख, रेडियोलॉजी विभाग, नेशनल कैपिटल रीजन इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़, मेरठ, उत्तर प्रदेश
21.स्वामी भक्तवत्सलदासजी — स्वामीनारायण इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड रिसर्च (SIMSR), कालोल, गांधीनगर, गुजरात, को आरोपी बनाया गया है।

रावतपुरा सरकार की प्रतिक्रिया

सीबीआई की FIR में प्रमुख नाम प्रसिद्ध संत श्री रविशंकर जी महाराज का है। CBI की FIR सामने आने के बाद रावतपुरा इंस्टिट्यूट की ओर से व्यापक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। रावतपुरा आश्रम के कई साधक तस्दीक कर रहे हैं कि “संत श्री” का नाम FIR में बेवजह घसीटा गया है। उनके मुताबिक FIR में CBI ने उन लोगों को भी आरोपी बना दिया है, जिनका मेडिकल कॉलेज संचालन से कोई लेना-देना नहीं है, न तो वे पदाधिकारी हैं और न ही ऐसे संस्थान में उनकी भागीदारी सुनिश्चित की गई है। साधकों ने यह भी दावा किया है कि CBI की FIR राजनीति से प्रेरित है। उन्होंने यह भी दावा किया कि रिश्वत की रकम न तो उनके मेडिकल संस्थान से जब्त की गई और न ही अब तक इसकी वैधानिक जब्ती सामने आई है। हालांकि, जांच एजेंसियों ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है।

कौन हैं रावतपुरा सरकार?

संत रविशंकर महाराज को ही मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत उत्तर भारत के लोग रावतपुरा सरकार के नाम से जानते हैं. उनके भक्तों की सूची कई बड़े राजनेता भी शामिल हैं. अध्यात्म की दुनिया में वे बड़ा नाम हैं. वो रायपुर स्थित श्री रावतपुरा सरकार इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस के चेयरमैन भी हैं. इसी इंस्टीट्यूट के मामले में CBI ने जो FIR दर्ज की है उसमें उनका नंबर चौथा है. संत रविशंकर महाराज का जन्म 12 जुलाई 1968 को मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के छिपरी गांव में हुआ था. उनका बचपन का नाम रवि था, जो उनके नाना-नानी ने रखा था. उनके पिता, कृपाशंकर शर्मा, एक ग्राम सेवक थे. उनकी मां का नाम रामसखी शर्मा है.

रवि अपने पांच भाई-बहनों में सबसे बड़े थे. उनके परिवार में शुरू से ही संस्कारों का माहौल था. वे कुशाग्र बुद्धि के तो थे लेकिन उन्हें स्कूल जाना पसंद नहीं था. बचपन से ही उनका झुकाव अध्यात्म की ओर था.

उन्हें करीब से जानने वाले बताते हैं कि तब वे स्कूल जाने के बजाय अक्सर गांव से 2 किलोमीटर दूर शारदा माता मंदिर के पास एक गुफा में ध्यान लगाने चले जाते थे. उनकी माँ को कई बार उन्हें गुफा से निकालकर घर लाना पड़ता था. कई बार उनकी मां को गुफा में रवि के कपड़े भीगे हुए मिले, जैसे उन्होंने कुएं में डुबकी लगाई हो.

11 वर्ष की उम्र में घर छोड़ा और बन गए बाबा ऐसा कहा जाता है कि रावतपुरा सरकार 11 साल की उम्र में आध्यात्मिक खोज में निकल पड़े थे. यह निर्णय उनके परिवार के लिए चिंता का विषय था, क्योंकि वे परिवार के सबसे बड़े बेटे थे और उनसे जिम्मेदारियों की उम्मीद थी. फिर भी, उनकी आध्यात्मिक रुचि ने उन्हें रावतपुरा गांव (लहार, भिंड, मध्य प्रदेश) में हनुमान मंदिर के पास ले गई, जहां उन्होंने साधना शुरू की. यहीं से उन्हें “रावतपुरा सरकार” की उपाधि मिली. रावतपुरा गांव में हनुमान मंदिर के पास साधना के बाद रविशंकर महाराज ने रावतपुरा धाम को अपने आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित किया. उनका आश्रम धीरे-धीरे भक्तों के लिए एक प्रमुख केंद्र बन गया।

यूनिवर्सिटी और मेडिकल कॉलेज भी बनवाए साल 2000 में, रविशंकर जी महाराज ने रावतपुरा सरकार लोक कल्याण ट्रस्ट की स्थापना कर यूनिवर्सिटी और मेडिकल कॉलेज भी बनवाए साल 2000 में, रविशंकर जी महाराज ने रावतपुरा सरकार लोक कल्याण ट्रस्ट की स्थापना की. इस ट्रस्ट ने मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में व्यापक काम किए. ट्रस्ट के तहत स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, ब्लड बैंक, नर्सिंग कॉलेज और वृद्धाश्रम जैसे संस्थान चलाए जा रहे हैं. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में श्री रावतपुरा यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई. जिसमें इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी, कॉमर्स, साइंस और आर्ट्स जैसे क्षेत्रों में डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी प्रोग्राम प्रदान की जाती है. इसके अलावा नवा रायपुर में श्री रावतपुरा सरकार इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च (SRIMSR) की भी स्थापना की गई. इसी मेडिकल कॉलेज की मान्यता के लिए रिश्वत कांड में उनके खिलाफ सीबीआई ने FIR दर्ज की है.

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