Latest News
छत्तीसगढ़ में पहली बार: उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में शुरू होगी ‘हॉर्नबिल सफारी’, युवाओं को मिलेगा रोजगार केतन, सौरभ और राजा… प्यार की राह में क्यों बिछ रही हैं लाशें? चौंका रही है NCRB की ये रिपोर्ट! रोनाल्डो का महा-रिकॉर्ड: 6 अलग-अलग फुटबॉल वर्ल्ड कप में गोल दागने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बने! छत्तीसगढ़ कैबिनेट: 4,000 करोड़ के बजट के साथ ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना मंजूर, ‘अटल आजीविका हाट’ से बढ़ेंगे स्वरोजगार के अवसर जेल के भीतर खूनी संघर्ष: मानसिक रूप से अस्वस्थ बंदियों के बैरक में नाली के स्लैब से सिर कुचलकर बंदी की हत्या ⚡ छत्तीसगढ़ में बड़ा बिजली संकट: प्रबंधन से वार्ता विफल, विद्युत संविदा कर्मचारियों का ‘अनिश्चितकालीन कामबंद’ आंदोलन शुरू

बगिया के विष्णु’ का विकास विज़न- सुशासन से जन-जन तक पहुंचती सरकार

डबल इंजन की रफ्तार, योजनाओं की बौछार- किसान, आदिवासी, महिला और युवा बने केंद्र में रायपुर, 01 मई 2026 छत्तीसगढ़ में बीते लगभग ढाई वर्षों में शासन की कार्यशैली को लेकर एक नई परिभाषा गढ़ने की कोशिश दिखाई देती है। विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने श्सुशासनश् को केवल एक नारा नहीं, … Read more

रायपुर में सजेगा आईपीएल का रोमांच: RCB ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को सौंपी टीम की जर्सी, दिया मैच का आमंत्रण

रायपुर | 13 जनवरी 2026 छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर एक बार फिर क्रिकेट के बड़े रोमांच का गवाह बनने के लिए तैयार है। दुनिया की सबसे लोकप्रिय क्रिकेट लीग, इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के आगामी सीजन का एक मैच रायपुर में आयोजित करने की औपचारिकताएं शुरू हो गई हैं। मंगलवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) … Read more

कोरबा भाजपा में मची रार: सार्वजनिक मंच पर दिखी गुटबाजी, पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर की ‘अनदेखी’ से गरमाई सियासत

कोरबा, छत्तीसगढ़ 12 जनवरी । औद्योगिक नगरी कोरबा में आयोजित वनवासी कल्याण आश्रम के स्थापना दिवस और गौरा पूजा महोत्सव के दौरान भाजपा की अंदरूनी कलह एक बार फिर खुलकर सामने आ गई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में हुए इस कार्यक्रम में प्रोटोकॉल और शिष्टाचार को ताक पर रखकर वरिष्ठ आदिवासी नेता व पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर को मंच की दूसरी पंक्ति में धकेल दिया गया। यह वाकया अब जिले के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।

PSO ने निभाया फर्ज, जिम्मेदार नेता रहे मौन

रविवार को जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मंच पर पहुंचे, तो उनके साथ उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, महापौर संजूदेवी राजपूत और जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी जैसे नेता पहली पंक्ति में नजर आए। वहीं, पार्टी के सबसे वरिष्ठ आदिवासी चेहरों में शुमार ननकीराम कंवर को पीछे की पंक्ति में बैठना पड़ा। हैरानी की बात यह रही कि मंच पर मौजूद अन्य जिम्मेदार नेताओं ने उन्हें दूसरी पंक्ति में देखकर भी नजरअंदाज कर दिया।

अंततः मुख्यमंत्री के PSO (सुरक्षा अधिकारी) ने संवेदनशीलता दिखाते हुए ननकीराम कंवर के पास जाकर उनसे आगे की पंक्ति में बैठने का आग्रह किया, जिसके बाद वे सामने आए। एक सुरक्षाकर्मी द्वारा शिष्टाचार निभाए जाने और स्थानीय नेताओं की चुप्पी ने संगठन के भीतर चल रही खींचतान पर मुहर लगा दी है।

क्या यह जानबूझकर दिया गया राजनीतिक संदेश है?

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक मंचों पर बैठने की व्यवस्था केवल एक संयोग नहीं, बल्कि एक गहरा संकेत होती है। ननकीराम कंवर जैसे कद्दावर नेता, जिन्होंने आदिवासी अंचलों में भाजपा की जड़ें मजबूत कीं, उनकी इस तरह की अनदेखी को कार्यकर्ता ‘सुनियोजित रणनीति’ के तौर पर देख रहे हैं। चर्चा है कि जिले में एक धड़ा पुराने और वरिष्ठ नेताओं के कद को छोटा करने की कोशिश में जुटा है।

आदिवासी वोट बैंक पर पड़ सकता है असर

गौरा पूजा जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन में आदिवासी समाज के बड़े नेता के साथ हुए इस व्यवहार से समर्थकों में भारी नाराजगी है। जानकारों की मानें तो:

  • यह घटनाक्रम भाजपा की ‘अंतर्कलह’ को जनता के बीच ले आया है।

  • आदिवासी क्षेत्रों में भाजपा की रणनीति के लिहाज से यह नकारात्मक संकेत है।

  • अनुभवी नेताओं की उपेक्षा से कार्यकर्ताओं के मनोबल पर असर पड़ सकता है।

कुल मिलाकर, गौरा पूजा महोत्सव के मंच ने यह साफ कर दिया है कि कोरबा भाजपा में सबकुछ ठीक नहीं है। दूसरी पंक्ति से पहली पंक्ति तक का कंवर का यह सफर कुर्सी बदलने मात्र का नहीं था, बल्कि इसने जिले की सियासत में मचे घमासान को सार्वजनिक कर दिया है।

Read more