रायपुर/दुर्ग 29/10/2026 Hawala Racket : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर देश में हवाला कारोबार का एक नया और बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार दुर्ग पुलिस द्वारा भिलाई में 4 करोड़ रुपये की भारी-भरकम नकदी बरामद किए जाने के बाद, चार राज्यों—छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली—में फैले एक अंतरराज्यीय हवाला नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। शुरुआती खुलासों के अनुसार, अकेले रायपुर से रोजाना लगभग 60 करोड़ रुपये से अधिक का हवाला लेनदेन संचालित हो रहा है।

इस तरह काम करता है हवाला का यह खेल
पुलिस जांच में सामने आया है कि हवाला कारोबार पूरी तरह से गुप्त कोडवर्ड और आपसी भरोसे पर टिका हुआ है।
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आधे कटे नोट और सीरियल नंबर: रकम के आदान-प्रदान के लिए 10, 20 या 50 रुपये के आधे कटे नोटों के टुकड़ों या उनके सीरियल नंबर का इस्तेमाल किया जाता है। जब ग्राहक या प्राप्तकर्ता सही सीरियल नंबर या नोट का टुकड़ा दिखाता है, तब जाकर ‘अंगड़िया’ या हवाला एजेंसी उसे करोड़ों की नकदी सौंपती है।
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कमीशन का गणित: इस अवैध कारोबार में 1 लाख रुपये भेजने पर 1,500 से 2,000 रुपये तक का कमीशन वसूला जाता है। वहीं, बड़े लेन-देन में 2 से 3 प्रतिशत तक का फिक्स कमीशन तय होता है। दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े सेंटरों के लिए कमीशन 1,500 से 2,000 रुपये प्रति लाख है, जबकि झारखंड के लिए यह 300 से 700 रुपये है।
सब्जियों और गुटखे की बोरियों में छिपाकर होता है ट्रांसपोर्टेशन
पुलिस की नजरों से बचने के लिए तस्करों ने बेहद शातिर तरीके अपनाए हैं। लग्जरी गाड़ियों और ट्रकों में सीट के नीचे या चेसिस में गुप्त चेंबर बनाए गए हैं। इसके अलावा, करोड़ों रुपये के नोटों के बंडलों को आलू, प्याज, चने, तंबाकू और गुटखे की बोरियों के बीच छिपाकर एक राज्य से दूसरे राज्य भेजा जाता है। रायपुर शहर के भीतर लेनदेन के लिए मोपेड और गुटखे की बोरियों का इस्तेमाल किया जाता है।
रायपुर के इन इलाकों से संचालित हो रहा नेटवर्क
सूत्रों के अनुसार, रायपुर में 55 से ज्यादा बड़े हवाला कारोबारी सक्रिय हैं। तेलघाणी नाका इस कारोबार का सबसे बड़ा गढ़ माना जाता है। इसके अलावा फाफाडीह, गंज, भैंसथान, समता कॉलोनी, सदर बाजार, कपड़ा मार्केट, ट्रांसपोर्ट नगर खमतराई और कबीर नगर जैसे इलाकों से इसका संचालन हो रहा है। जांच में यह भी सामने आया है कि इस नेटवर्क के तार दिल्ली, मुंबई, कोलकाता के साथ-साथ दुबई और लंदन तक जुड़े हुए हैं। सराफा, स्टील, आयरन, खाद्यान्न और राजनीतिक लेन-देन के काले धन को ठिकाने लगाने के लिए इस नेटवर्क का उपयोग किया जा रहा है।
पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई
छत्तीसगढ़ में हवाला के खिलाफ यह कोई पहली बड़ी कार्रवाई नहीं है। इससे पहले भी कई बार पुलिस ने बड़ी रकम पकड़ी है:
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भिलाई: हाल ही में रायपुर के भनपुरी स्थित ‘गोल्डन मार्केट’ के जेड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन से जुड़े वाहन से 4 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए। ट्रांसपोर्ट संचालक ने राशि को दिवाली बोनस का वैध पैसा बताया, लेकिन पुलिस ने मामला आयकर विभाग को सौंप दिया है।
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कुम्हारी: पुलिस ने दो कारों से 500-500 के नोटों के रूप में 6.60 करोड़ रुपये जब्त किए थे।
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आमानाका: एक कार के गुप्त चेंबर से 2.80 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए थे, जो नागपुर ले जाए जा रहे थे।
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न्यू राजेंद्र नगर: ‘हंस ट्रेवल्स’ के दफ्तर से बोरियों में भरे लाखों रुपये के छोटे नोट जब्त किए गए थे।
फिलहाल पुलिस और आयकर विभाग इस अंतरराज्यीय रैकेट की गहराई से जांच कर रहे हैं ताकि इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य बड़े चेहरों बेनकाब किया जा सके।
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