पुणे/ मुंबई 2अक्टूबर 2026: हँसी-ठिठोली, समंदर की उठती लहरों का मज़ा और भविष्य के हसीन सपने—पुणे के आलंदी स्थित ‘विनर्स एकेडमी’ के 11वीं और 12वीं के छात्रों की पिकनिक का माहौल कुछ ऐसा ही था। लेकिन किसी को अंदाज़ा नहीं था कि रायगढ़ जिले का खूबसूरत दिवेआगर बीच चंद पलों में ज़िंदगी भर का नासूर बन जाएगा। समंदर में उठी बेपरवाह और खौफनाक लहरों ने 8 मासूम छात्रों की ज़िंदगी का चिराग हमेशा-हमेशा के लिए बुझा दिया।

11वीं और 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले 42 छात्रों का दल अपने शिक्षकों के साथ खुशियाँ मनाने दिवेआगर बीच पहुँचा था। दोपहर के वक्त आठ छात्र चहकते हुए समंदर की उठती लहरों के बीच तैरने उतरे। लेकिन वे इस बात से अंजान थे कि पानी की गहराई और अचानक आने वाले ज्वार-भाटे का खौफनाक रूप उनका इंतज़ार कर रहा है। अचानक समंदर ने करवट ली, ऊँची लहरों का तेज़ बहाव आया और देखते ही देखते आठों मासूम छात्र गहरे पानी की आगोश में समा गए।
चीख-पुकार और अफरा-तफरी के बीच स्थानीय बचाव दल, महाकाली वॉटर स्पोर्ट्स के कर्मचारियों और पर्यटकों ने उन्हें बचाने की हर मुमकिन कोशिश की, लेकिन कुदरत के इस कहर के आगे सब बेबस साबित हुए। जब तक उन्हें बाहर निकाला गया, साँसों की डोर टूट चुकी थी। सभी शवों को बोर्ली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है।
जो बच्चे सुबह अपने माता-पिता को मुस्कुराकर अलविदा कहकर निकले थे, शाम होते-होते उनके घरों में सिर्फ सन्नाटा और चीत्कार बाकी रह गया। पुलिस मामले की जाँच कर रही है और प्रशासन ने फिर से चेतावनी दी है कि अनजान तटों पर पानी की गहराई का अंदाज़ा न होने के कारण पर्यटक अपनी जान जोखिम में न डालें।




