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सीढ़ियां चढ़ते ही फूलने लगती है सांस? सामान्य थकान समझकर न करें नजरअंदाज, हो सकती है दिल या फेफड़ों की बीमारी

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Health News । क्या सीढ़ियां चढ़ते ही आपकी सांस तेज हो जाती है? दो-तीन मंजिल तो दूर, कई बार कुछ सीढ़ियां चढ़ने के बाद ही ऐसा लगता है जैसे शरीर की पूरी ताकत खत्म हो गई हो। (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) दिल तेजी से धड़कने लगता है, सांस लेने में परेशानी होती है और कुछ देर रुकने की जरूरत महसूस होने लगती है।

अक्सर लोग इसे सामान्य थकान, बढ़ती उम्र या शारीरिक कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हर बार इसे हल्का समझना भारी पड़ सकता है।

सीढ़ियां चढ़ते समय ही क्यों सामने आती है यह समस्या?

चिकित्सकों के अनुसार, सीढ़ियां चढ़ना सामान्य चलने की तुलना में अधिक मेहनत वाला काम है। इस दौरान मांसपेशियों को गुरुत्वाकर्षण के खिलाफ काम करना पड़ता है, जिससे शरीर को ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत होती है। (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) आराम की स्थिति में शरीर को बहुत अधिक ऑक्सीजन नहीं चाहिए होती, लेकिन सीढ़ियां चढ़ते ही पैरों और अन्य मांसपेशियों की ऊर्जा खपत बढ़ जाती है। इसे पूरा करने के लिए दिल को तेजी से रक्त पंप करना पड़ता है और फेफड़ों को ज्यादा ऑक्सीजन पहुंचानी होती है।

यदि हृदय या फेफड़ों की कार्यक्षमता प्रभावित है, तो आराम करते समय यह समस्या शायद न दिखे, लेकिन सीढ़ियां चढ़ते ही उजागर हो जाती है। इसी वजह से डॉक्टर इसे शरीर की “वर्किंग कैपेसिटी” का मुख्य संकेत मानते हैं।

फिटनेस की कमी भी हो सकती है वजह

हर बार सांस फूलना किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता। लगातार बैठकर काम करने वाले, शारीरिक रूप से कम सक्रिय रहने वाले या अधिक वजन वाले लोगों में कम कार्डियो फिटनेस के कारण सीढ़ियां चढ़ते समय शरीर जल्दी थक जाता है। (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) इसके अलावा तनाव, चिंता, नींद की कमी और डिहाइड्रेशन भी सांस फूलने की वजह बन सकते हैं।

यदि यह समस्या हमेशा से रही है और क्षमता में कोई नया बदलाव नहीं आया है, तो कारण सामान्य फिटनेस से जुड़ा हो सकता है। लेकिन अगर बीते कुछ हफ्तों या महीनों में स्थिति अचानक बदली है, तो यह चिकित्सकीय जांच का विषय है।

एनीमिया और दिल-फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों का खतरा

  • एनीमिया (हीमोग्लोबिन की कमी): खून में हीमोग्लोबिन कम होने पर शरीर के अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती, जिससे दिल को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। ऐसे में सीढ़ियां चढ़ने पर सांस फूलने के साथ चक्कर, थकान और धड़कन तेज होने जैसी दिक्कतें आती हैं।

  • हृदय संबंधी बीमारियां: जब दिल पर्याप्त रक्त पंप नहीं कर पाता या दिल की धड़कन अनियमित (एरिदमिया) होती है, तो शारीरिक मेहनत के दौरान सांस फूलना सबसे पहला लक्षण हो सकता है।

  • फेफड़ों के रोग और पल्मोनरी हाइपरटेंशन: अस्थमा, सीओपीडी (COPD) या फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं में बढ़ा हुआ दबाव (पल्मोनरी हाइपरटेंशन) भी मेहनत के दौरान सांस फूलने और सीने में जकड़न का कारण बनता है।

कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि सांस फूलने के साथ सीने में दर्द या जकड़न, बहुत तेज या अनियमित धड़कन, चक्कर आना या बेहोशी, पैरों व टखनों में सूजन, या आराम की स्थिति में भी सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखें, तो बिना देरी किए तत्काल डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

क्या करें और क्या न करें?

यदि जांच में कोई गंभीर बीमारी नहीं निकलती है और कारण केवल निष्क्रिय जीवनशैली है, तो धीरे-धीरे हल्की वॉक से शुरुआत करते हुए शारीरिक सक्रियता बढ़ाएं। पर्याप्त नींद लें और भरपूर पानी पीएं। (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) हालांकि, अचानक बहुत ज्यादा सांस फूलने या सीने में दबाव महसूस होने पर घर पर इंतजार करने के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल में डॉक्टर से जांच कराएं।

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