Monkey Attack : छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। लखनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम रजपुरी कला में एक आक्रामक जंगली बंदर ने इंसानियत और पशु-व्यवहार की सारी हदें पार करते हुए घर के अंदर पालने में सो रही 5 महीने की मासूम बच्ची को अपना शिकार बनाया। बंदर ने बच्ची को पालने से उठाया और घर के पास रखे पानी से भरे ड्रम में लाकर फेंक दिया। इस सनसनीखेज घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
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घटना का पूरा घटनाक्रम
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बंदर का अचानक हमला: मिली जानकारी के अनुसार, एक जंगली बंदर अचानक से रजपुरी कला गांव की घनी बस्ती में घुस आया। अचानक आए इस मेहमान को देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और जान बचाने के लिए लोग अपने-अपने घरों में छिप गए।
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पालने से उठाया मासूम को: इसी दौरान खूंखार बंदर एक ग्रामीण के घर में जा घुसा। घर के अंदर पालने में 5 महीने की मासूम बच्ची त्रिशिका प्रजापति गहरी नींद में सो रही थी। बंदर ने मौका पाकर बच्ची को पालने से उठाया और कुछ दूरी तक खींचते हुए ले गया।
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पानी के ड्रम में डुबाया: परिजनों के मुताबिक, बंदर मासूम को घर के पास रखे पानी से भरे एक बड़े नीले ड्रम के पास ले गया और उसे उसमें डाल दिया।
त्वरित कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
जब परिजनों ने बच्ची को पालने में न पाकर तलाश शुरू की और पानी के ड्रम में अछूता देखा, तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने बिना एक पल गंवाए बच्ची को तुरंत ड्रम से बाहर निकाला।
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अस्पताल में इलाज: परिजनों द्वारा बच्ची को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लखनपुर ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी नाजुक और गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत जिला अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल, मासूम का इलाज जिला अस्पताल में जारी है और डॉक्टर उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश और वन विभाग से गुहार
इस घटना के बाद से ग्राम रजपुरी कला के रहवासियों में वन विभाग के प्रति भारी नाराजगी और डर देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगली जानवरों की इस तरह की बेखौफ हरकतें ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन गई हैं।
ग्रामीणों ने वन विभाग से पुरजोर मांग की है कि:
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तुरंत रेस्क्यू टीम भेजकर इस आक्रामक बंदर को पकड़ा जाए।
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बस्ती में सुरक्षा और निगरानी के पुख्ता इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटना की पुनरावृत्ति न हो सके।




