Latest News
अखिलेश यादव और धीरेंद्र शास्त्री विवाद: यूपी चुनाव से पहले भगवान कृष्ण पर दिए बयान ने क्यों गरमाई सियासत? कृषि भवन की 100 साल पुरानी कदीमी मस्जिद को हटाना क्यों है जरूरी? केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में दिया जवाब दो बच्चों की शर्त पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: कहा—’जनसंख्या नियंत्रण के नाम पर राजनीतिक अधिकारों से वंचित करना गलत’ कांकेर में पीडीएस व्यवस्था होगी सुदृढ़: 111 जर्जर और 26 भवनविहीन राशन दुकानों के कायाकल्प का प्रस्ताव तैयार छत्तीसगढ़ राज्योत्सव: कोरबा में स्वामित्व योजना के 200 हितग्राहियों को मिले अधिकार अभिलेख IMD Weather Alert: 13 राज्यों में भारी बारिश और 90 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी का अलर्ट, जानें आज के मौसम का हाल
Home » कोरबा » कोरबा : दो साल से फरार हत्या का मुख्य आरोपी वैभव गिरफ्तार , सह-आरोपी के बाद मुख्य आरोपी भी चढ़ा हत्थे

कोरबा : दो साल से फरार हत्या का मुख्य आरोपी वैभव गिरफ्तार , सह-आरोपी के बाद मुख्य आरोपी भी चढ़ा हत्थे

Share:

कोरबा 1 अगस्त:   कोरबा जिले के थाना उरगा अंतर्गत दो साल पुराने चर्चित हत्या मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले के मुख्य आरोपी वैभव भारती को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। खास बात यह है कि सह-आरोपी जितेंद्र मसीह की गिरफ्तारी के ठीक अगले ही दिन मुख्य आरोपी भी पुलिस के शिकंजे में आ गया है। दोनों फरार आरोपियों पर जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा 5,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

Advt

पुरानी रंजिश और साजिश का खुलासा

पुलिस विवेचना में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि मृतक विकास अग्रवाल और मुख्य आरोपी वैभव भारती के बीच पुरानी रंजिश चल रही थी। आरोपी को शक था कि मृतक उसकी बहन पर गलत नजर रखता है। इसी रंजिश का बदला लेने के लिए आरोपी ने अपने साथी जितेंद्र मसीह के साथ मिलकर विकास को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची थी।

शराब में जहर मिलाकर की थी हत्या

पुलिस के अनुसार, 16 फरवरी 2024 को एक शादी समारोह के दौरान मुख्य आरोपी वैभव भारती और उसके साथी ने योजना के तहत मृतक को अत्यधिक शराब पिलाई। इसके बाद एक दुकान से चूहा मारने की जहरीली दवा लाकर उसे शराब में मिला दिया गया और डिस्पोजेबल गिलास के जरिए मृतक को पिला दी गई। कुछ ही देर में तबीयत बिगड़ने पर विकास की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट में जहर की पुष्टि होने के बाद हत्या का मामला दर्ज किया गया था।

तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर की सूचना से मिली सफलता

घटना के बाद से दोनों आरोपी लगातार फरार चल रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कोरबा ने दोनों की गिरफ्तारी पर 5,000 रुपये का इनाम घोषित किया था। थाना उरगा पुलिस तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र की मदद से लगातार उनके ठिकानों पर दबिश दे रही थी। 31 जुलाई 2026 को सह-आरोपी जितेंद्र मसीह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर आज मुख्य आरोपी वैभव भारती को भी धर दबोचा गया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है।

#