रायपुर, 25 जून 2026: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को राजधानी रायपुर के केनाल लिंकिंग रोड पर स्थित वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस के अवसर पर आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उनके अदम्य साहस, पराक्रम और राष्ट्रप्रेम को याद करते हुए उन्हें भारतीय इतिहास की अमूल्य धरोहर बताया।
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इतिहास भूलने वाले समाज का भविष्य संकट में: सीएम साय
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने समाज के विकास में इतिहास और विरासत के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा:
“जो समाज अपने इतिहास और गौरवशाली विरासत को विस्मृत (भूल) कर देता है, उसका भविष्य भी संकटग्रस्त हो जाता है। इसके विपरीत, जो समाज अपने महापुरुषों को कृतज्ञता और सम्मान के साथ याद रखता है, उसका भविष्य सदैव उज्ज्वल होता है।” — विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री (छत्तीसगढ़)
सीएम साय ने आगे कहा कि रानी दुर्गावती का शौर्य और त्याग आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का प्रकाश स्तंभ है, जो हमें विपरीत परिस्थितियों में भी साहस और कर्तव्यनिष्ठा के साथ आगे बढ़ने की सीख देता है।
मुगल सेना के खिलाफ अद्वितीय वीरता की गाथा
मुख्यमंत्री ने रानी दुर्गावती के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए उनके संघर्ष को याद किया। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती ने मुगल साम्राज्य की विशाल सेना के सामने घुटने टेकने के बजाय अद्वितीय वीरता का परिचय दिया। अपने अंतिम क्षण तक संघर्ष करते हुए उन्होंने मातृभूमि और स्वाभिमान की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और वीरगति को प्राप्त हुईं। उनका यह बलिदान इतिहास में साहस का अप्रतिम अध्याय है।
“विकास भी, विरासत भी” का मंत्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश “विकास भी, विरासत भी” के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है।
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सार्थक विकास: विकास की यात्रा तभी सार्थक होती है, जब हम अपनी सांस्कृतिक विरासत और महान विभूतियों के योगदान को संरक्षित करें।
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विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प: रानी दुर्गावती के आदर्शों से प्रेरणा लेकर हमें ‘विकसित भारत’ और ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण के संकल्प को और अधिक दृढ़ता के साथ आगे बढ़ाना चाहिए।
कार्यक्रम में प्रमुख जनप्रतिनिधियों की गरिमामय उपस्थिति
इस अवसर पर शासन के कई वरिष्ठ मंत्री और जनप्रतिनिधि भी वीरांगना को श्रद्धांजलि देने पहुंचे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
श्री रामविचार नेताम (कृषि मंत्री) , श्री केदार कश्यप (वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री) , श्री पुरंदर मिश्रा व श्री भूलन सिंह मरावी (विधायक) , डॉ. नंदकुमार साय , श्रीमती मीनल चौबे (महापौर, रायपुर नगर निगम) , श्री विकास मरकाम (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ औषधीय पादप बोर्ड), श्री रूप सिंह मंडावी (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग)
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और समाज के प्रबुद्ध जन भी उपस्थित रहे।
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