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तमिलनाडु BJP में घमासान: क्या के. अन्नामलाई थामेंगे नया रास्ता? अमित शाह और शीर्ष नेतृत्व से दिल्ली में बड़ी बैठक

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चेन्नई/नई दिल्ली 2 जून :

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजे आते ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर अंदरूनी संकट गहराता नजर आ रहा है। राज्य में भाजपा के प्रमुख चेहरे और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई की नाराजगी अब खुलकर सामने आ गई है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा बेहद तेज है कि अन्नामलाई भाजपा से अलग होकर अपनी नई पार्टी बना सकते हैं।

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इन्हीं कयासों के बीच, मंगलवार को दिल्ली में अन्नामलाई और भाजपा के शीर्ष आलाकमान के बीच बेहद अहम बैठकें हुईं। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक उन्होंने अभी तक पार्टी से औपचारिक इस्तीफा नहीं दिया है।

अमित शाह के आवास पर हुई सबसे अहम मुलाकात

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को दिल्ली पहुंचे अन्नामलाई ने भाजपा के शीर्ष नेताओं से अलग-अलग मुलाकात की। इनमें शामिल थे:

नितिन नबीन (राष्ट्रीय अध्यक्ष)

बी. एल. संतोष (राष्ट्रीय महासचिव)

अमित शाह (केंद्रीय गृह मंत्री)

इन सभी मुलाकातों में सबसे महत्वपूर्ण बैठक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर हुई। इस दौरान अन्नामलाई की नाराजगी की मुख्य वजहों पर विस्तार से बातचीत की गई।

इन मुख्य मुद्दों पर रखी अपनी बात

बैठक के दौरान अन्नामलाई ने आलाकमान के सामने स्पष्ट रूप से अपनी चिंताएं और शिकायतें रखीं, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

तमिलनाडु के हालिया राजनीतिक घटनाक्रम।

राज्य में पार्टी की मौजूदा राजनीतिक रणनीति और संगठनात्मक फैसले।

भविष्य की दिशा को लेकर मतभेद और भाजपा छोड़ने की संभावित वजहें।

आगे की रणनीति: अभी अंतिम फैसला नहीं

सूत्रों का कहना है कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने इस पूरे मामले पर फिलहाल कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। अन्नामलाई को अभी कुछ समय इंतजार करने के लिए कहा गया है। इन मुद्दों पर आगे भी बातचीत का दौर जारी रहेगा, जिसका मतलब है कि उन्हें दोबारा दिल्ली बुलाया जा सकता है। संभावना जताई जा रही है कि अन्नामलाई बुधवार तक दिल्ली में ही रुक सकते हैं।

कौन हैं के. अन्नामलाई? (पूरा बायोडाटा और सफर)

कुप्पूसामी अन्नामलाई भारतीय राजनीति का एक ऐसा चर्चित युवा चेहरा हैं, जिन्होंने एक कड़क और ईमानदार IPS अधिकारी की छवि छोड़कर सियासत में कदम रखा था।

1. व्यक्तिगत जीवन और शिक्षा:

जन्म: 4 जून 1984 को तमिलनाडु के करूर जिले के थोट्टमपट्टी में एक कृषक परिवार (गॉन्डर समुदाय) में हुआ।

शिक्षा: उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा तमिल मीडियम से की। इसके बाद उन्होंने पीएसजी कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी, कोयंबटूर से मैकेनिक इंजीनियरिंग (B.E.) की और फिर देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIM लखनऊ से MBA की डिग्री हासिल की।

2. सिविल सेवा और ‘कर्नाटक के सिंघम’ की छवि:

साल 2011 में उन्होंने UPSC की परीक्षा पास की और कर्नाटक कैडर के IPS अधिकारी बने।

उडुपी और चिकमगलूर में बतौर एसपी (SP) रहते हुए उन्होंने अपराधियों और सांप्रदायिक ताकतों पर कड़ा प्रहार किया। उनके इसी सख्त रवैये के कारण जनता उन्हें “कर्नाटक का सिंघम” कहने लगी।

वह बेंगलुरु (दक्षिण) के डीसीपी (DCP) भी रहे। सितंबर 2019 में, लगभग 9 साल की शानदार सेवा के बाद, उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

3. राजनीतिक सफर और कप्तानी:

भाजपा में प्रवेश: अगस्त 2020 में अन्नामलाई अधिकारिक तौर पर भाजपा में शामिल हुए।

सबसे युवा प्रदेश अध्यक्ष: उनकी संगठन क्षमता को देखते हुए जुलाई 2021 में (महज 37 वर्ष की उम्र में) उन्हें तमिलनाडु भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया गया।

द्रविड़ राजनीति को चुनौती: उन्होंने राज्य की पारंपरिक सत्तारूढ़ पार्टी DMK के खिलाफ बेहद आक्रामक रुख अपनाया और मुख्यमंत्री स्टालिन के परिवार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप (DMK Files) लगाए। उनकी ‘एन मन, एन मक्कड़’ (मेरी भूमि, मेरे लोग) पदयात्रा को राज्य में भारी जनसमर्थन मिला था।

हालांकि, वह 2021 का विधानसभा और 2024 का कोयंबटूर लोकसभा चुनाव नहीं जीत सके, लेकिन उनके नेतृत्व में तमिलनाडु में भाजपा का वोट प्रतिशत काफी मजबूत हुआ।

तमिलनाडु की राजनीति में मचेगा तहलका

अन्नामलाई के इस कदम से तमिलनाडु की सियासत में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है, क्योंकि उन्हें राज्य में भाजपा को आक्रामक रूप से स्थापित करने वाले एक कद्दावर युवा नेता के तौर पर देखा जाता रहा है। अब उनका अलग होना और नई पार्टी बनाना राज्य के त्रिकोणीय मुकाबले को और दिलचस्प बना देगा।

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