चुनावी हिंसा के पीड़ितों से मिलने पहुंचे थे अभिषेक, जनता का फूटा गुस्सा; आरजी कर कांड को लेकर महिलाओं ने घेरा
सोनारपुर (पश्चिम बंगाल) 30 मई : पश्चिम बंगाल की राजनीति से इस वक्त की सबसे सनसनीखेज और बड़ी खबर सामने आ रही है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कद्दावर नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी को शनिवार को सोनारपुर में स्थानीय जनता के अभूतपूर्व और भारी विरोध का सामना करना पड़ा है। हालात इस कदर बिगड़ गए कि उग्र भीड़ ने न सिर्फ उनके खिलाफ नारेबाजी की, बल्कि उन पर पत्थरों, जूतों और अंडों की बौछार कर दी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में सुरक्षाकर्मी अभिषेक बनर्जी को पुलिस का हेलमेट पहनाकर और फटी हुई कमीज में सुरक्षित निकालते हुए नजर आ रहे हैं।
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भारी विरोध के बीच फटी कमीज में पहुंचे पीड़ित के घर
बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद अभिषेक बनर्जी पहली बार इस तरह से किसी सार्वजनिक क्षेत्र में आम लोगों से मिलने पहुंचे थे। शुक्रवार रात को ही यह आधिकारिक घोषणा की गई थी कि शनिवार को सांसद महोदय सोनारपुर नगरपालिका क्षेत्र के वार्ड नंबर नौ (विवेकानंदनगर) में चुनावी हिंसा के शिकार हुए संजू कर्मकार के पीड़ित परिवार से मुलाकात करेंगे।
लेकिन शनिवार को जैसे ही अभिषेक बनर्जी का काफिला सोनारपुर पहुंचा, नजारा उम्मीद के बिल्कुल उलट था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभिषेक बनर्जी जैसे ही अपनी गाड़ी से नीचे उतरे, वहां पहले से घात लगाए बैठी भारी भीड़ ने ‘चोर-चोर’ के नारों के साथ उनका ‘स्वागत’ किया।
महिलाओं ने पूछा तीखा सवाल- ‘आरजी कर कांड के वक्त कहाँ थे?’
इस विरोध प्रदर्शन में सबसे आगे स्थानीय महिलाएं थीं, जो हाथों में अंडे और जूते लेकर खड़ी थीं। उग्र भीड़ ने टीएमसी सांसद पर लात-घूंसे बरसाने की भी कोशिश की। सुरक्षाकर्मियों ने जैसे-तैसे घेरा बनाकर उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक भीड़ का गुस्सा उन पर फूट चुका था।
गुस्साई महिलाओं और स्थानीय लोगों ने अभिषेक बनर्जी के सामने ही चीखते हुए तीखे सवाल दागे। लोगों ने पूछा, “आज आपको चुनावी हिंसा के पीड़ितों की याद आ रही है? जब आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला डॉक्टर के साथ इतनी बर्बरता से रेप और मर्डर हुआ था, तब आप कहाँ छिपे थे? तब आप सांत्वना देने क्यों नहीं आए?”
सुरक्षा घेरा टूटा, हेलमेट पहनकर बचाई जान
इस अचानक हुए हमले से मौके पर तैनात पुलिस प्रशासन और सुरक्षाकर्मियों के हाथ-पैर फूल गए। भीड़ के तेवर देखकर अभिषेक बनर्जी को सुरक्षा देने के लिए आनन-फानन में पुलिस का हेलमेट पहनाया गया। भारी खींचतान के बीच उनकी कमीज भी फट गई। इस बेहद तनावपूर्ण माहौल और फटी हुई कमीज में ही सुरक्षाकर्मी उन्हें सुरक्षित बचाते हुए किसी तरह पीड़ित संजू कर्मकार के घर के भीतर ले गए, जहाँ उन्होंने परिवार से मुलाकात की।
इस घटना के बाद से पूरे सोनारपुर इलाके में भारी तनाव व्याप्त है और भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है। इस हमले के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसने बंगाल की सियासत में एक नया उबाल ला दिया है।







