कोरबा जिले के सभी नगरीय निकायों में जल्द प्रारंभ होगा सर्वे
रायपुर/कोरबा 14 मई : छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने राज्य के नगरीय क्षेत्रों में रहने वाले आवासहीन परिवारों के हित में एक बड़ा निर्णय लिया है। शासन ने वर्षों से काबिज आवासहीनों को आवासीय पट्टा देने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी है। इस संबंध में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
15 अगस्त 2026 तक पूरी होगी सर्वे रिपोर्ट
शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, “छत्तीसगढ़ नगरीय क्षेत्र के आवासहीन व्यक्ति को पट्टाधृति अधिकार नियम, 2023” के तहत यह सर्वे कराया जाएगा। सर्वे की जिम्मेदारी राजस्व विभाग और नगरीय प्रशासन के अधिकारियों-कर्मचारियों की एक संयुक्त टीम को सौंपी गई है।
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समय सीमा: सभी निकायों को सर्वे रिपोर्ट तैयार कर 15 अगस्त 2026 तक संचालक भू-अभिलेख, नवा रायपुर को अनिवार्य रूप से भेजनी होगी।
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नियमों का पालन: सर्वे के दौरान जल प्रदूषण निवारण अधिनियम 1974, वन संरक्षण अधिनियम 1980 और माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
कोरबा जिले में युद्धस्तर पर शुरू होगी तैयारी
कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए बताया कि कोरबा जिला प्रशासन जल्द ही जमीनी स्तर पर सर्वे शुरू करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले के निम्नलिखित क्षेत्रों में पात्र हितग्राहियों की पहचान की जाएगी:
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कोरबा नगर पालिक निगम
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बांकीमोंगरा नगर पालिका परिषद
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दीपका, कटघोरा नगर पालिका परिषद
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छुरी और पाली नगर पंचायत
क्यों महत्वपूर्ण है यह निर्णय?
यह पहल उन हजारों परिवारों के लिए उम्मीद की किरण लेकर आई है जो दशकों से नगरीय क्षेत्रों में बिना किसी वैधानिक दस्तावेज के निवास कर रहे हैं। पट्टा मिलने से न केवल उन्हें जमीन का मालिकाना हक मिलेगा, बल्कि वे भविष्य में अन्य सरकारी योजनाओं और ऋण सुविधाओं का लाभ भी उठा सकेंगे।
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