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कोल इंडिया में ‘दावा राजनीति’ का होगा अंत : अब कर्मचारियों के वोट से तय होगी यूनियनों की साख

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नई दिल्ली 15 मई : कोल इंडिया में ट्रेड यूनियनों की मान्यता और प्रतिनिधित्व का पूरा ढांचा अब बदलने जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार औद्योगिक संबंध संहिता (IR Code), 2020 के लागू होने के साथ ही वर्षों से चली आ रही ‘दावा राजनीति’ खत्म होगी। अब यूनियनों की असली ताकत कर्मचारियों के सीक्रेट बैलेट वोट से तय की जाएगी।


मान्यता का नया गणित: कैसे तय होगा प्रतिनिधित्व?

जानकारी के अनुसार अब केवल हवा-हवाई दावों से काम नहीं चलेगा। IR Code 2020 के तहत मान्यता के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं:

  • एकमात्र वार्ताकार यूनियन: जिस यूनियन को 51% या अधिक वोट मिलेंगे, वह प्रबंधन के साथ बात करने वाली इकलौती यूनियन होगी।

  • वार्ताकार परिषद (Negotiating Council): यदि किसी एक यूनियन को 51% वोट नहीं मिलते, तो उन यूनियनों को मिलाकर एक परिषद बनेगी जिन्हें कम से कम 20% वोट मिले हैं।

  • 5 साल का वनवास: जिन यूनियनों को 20% से कम वोट मिलेंगे, उन्हें अगले 5 वर्षों तक कोई मान्यता नहीं दी जाएगी।

  • राष्ट्रीय स्तर की शर्त: कोल इंडिया (CIL) स्तर पर बात करने के लिए किसी यूनियन को कम से कम 5 अनुषंगी कंपनियों (Subsidiaries) में 20% वोट हासिल करना अनिवार्य होगा।


90 दिनों का ‘इलेक्शन कैलेंडर’

चुनाव की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध होगी। केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त सत्यापन अधिकारी की निगरानी में यह 90 दिनों का खाका कुछ इस तरह होगा:

  1. दिन 1: मतदाता सूची (Voter List) का निर्धारण।

  2. दिन 15-18: चुनाव चिह्न का आवंटन और प्री-बैलेट मीटिंग।

  3. दिन 71-75: सीक्रेट बैलेट के जरिए मतदान।

  4. दिन 76-80: मतगणना और परिणामों की घोषणा।

  5. दिन 82-89: विभिन्न स्तरों पर मान्यता के आधिकारिक आदेश।


चार-स्तरीय वार्ता प्रणाली (Four-Tier System)

नियम लागू होने के बाद बातचीत का दायरा स्पष्ट रूप से बंटा होगा:

  • CIL मुख्यालय स्तर: वेतन समझौता, कैडर-ग्रेड और ट्रांसफर पॉलिसी जैसे बड़े मुद्दे।

  • सब्सिडियरी स्तर: कंपनी-विशिष्ट मुद्दे।

  • एरिया स्तर: क्षेत्रीय और संचालन संबंधी समस्याएं।

  • प्रोजेक्ट/यूनिट स्तर: स्थानीय कार्यस्थल की शिकायतें।


महिलाओं की भागीदारी: अब सिर्फ कागजों पर नहीं

1 मार्च 2026 के आंकड़ों के अनुसार, कोल इंडिया में 19,135 महिला कर्मचारी हैं। नए नियमों के तहत ‘वर्क्स कमेटी’ और ‘शिकायत निवारण समिति’ में महिलाओं को उनकी संख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व देना अनिवार्य होगा। यह कदम यूनियन ढांचे में महिलाओं की सक्रियता और लोकतांत्रिक मजबूती को बढ़ावा देगा।


महत्वपूर्ण टाइमलाइन

  • 21 नवंबर 2025: IR Code प्रभावी हुआ।

  • 8 मई 2026: केंद्रीय नियमों की आधिकारिक अधिसूचना जारी।

  • वर्तमान स्थिति: कोल इंडिया प्रबंधन और यूनियनों के बीच जल्द रणनीतिक बैठक प्रस्तावित है ताकि चुनाव की तारीखों पर मुहर लग सके।

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