रायपुर/बलरामपुर | 14 मई 2026
किशोर न्याय के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, महिला एवं बाल विकास विभाग ने बलरामपुर जिले के लिए विशेषज्ञों के आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह पहल किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2015 के तहत की जा रही है, जिसका उद्देश्य गंभीर अपराधों में संलिप्त किशोरों का सटीक मनोवैज्ञानिक और सामाजिक मूल्यांकन करना है।
क्यों हो रही है यह नियुक्ति?
अक्सर 16 वर्ष या उससे अधिक आयु के बालकों द्वारा किए गए जघन्य अपराधों के मामलों में न्यायालय को यह तय करना होता है कि बालक की मानसिक स्थिति कैसी थी। इन विशेषज्ञों का मुख्य कार्य निम्नलिखित बिंदुओं पर अपनी रिपोर्ट देना होगा:
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मानसिक एवं शारीरिक क्षमता: क्या बालक अपराध करने के समय सक्षम था?
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परिणामों का बोध: क्या वह समझता था कि उसके कृत्य का नतीजा क्या होगा?
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परिस्थितिजन्य साक्ष्य: किन परिस्थितियों में अपराध कारित हुआ।
कौन कर सकता है आवेदन?
विभाग को ऐसे अनुभवी विशेषज्ञों की तलाश है जो बाल मनोविज्ञान और सामाजिक कार्यों में दक्षता रखते हों:
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अनुभवी मनोवैज्ञानिक (Psychologists)
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मनोसामाजिक कार्यकर्ता (Psycho-social Workers)
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संबंधित क्षेत्र के अन्य विशेषज्ञ
आवेदन प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथियां
इच्छुक उम्मीदवार अपना आवेदन निर्धारित प्रारूप में सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ जमा कर सकते हैं।
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अंतिम तिथि: 22 मई 2026
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स्थान: जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग, बलरामपुर (छ.ग.)
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संपर्क सूत्र: किसी भी प्रकार की जानकारी या स्पष्टीकरण के लिए इन नंबरों पर कॉल करें:
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📞 9826278915
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📞 9770055820
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नोट: यह नियुक्तियां किशोर न्याय बोर्ड को प्रारंभिक निर्धारण प्रक्रिया में तकनीकी सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से की जा रही हैं, ताकि न्याय प्रक्रिया अधिक प्रभावी और संवेदनशील बन सके।
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