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मनमोहन काल के ‘गुजरात मॉडल’ की चर्चा और 1 ट्रिलियन का सपना: हैदराबाद में मोदी-रेवंत की दिलचस्प केमिस्ट्री

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9,400 करोड़ की सौगात और ‘नॉन-पॉलिटिकल’ वार-पलटवार
 हैदराबाद 11 मई: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद रविवार को एक अनोखे राजनीतिक दृश्य की गवाह बनी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहाँ 9,400 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। लेकिन कार्यक्रम की असली जान वह संवाद रहा, जहाँ अतीत के ‘गुजरात मॉडल’ और भविष्य के ‘तेलंगाना मॉडल’ पर चर्चा हुई।

जब रेवंत ने याद दिलाया मनमोहन-मोदी का दौर

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अपने संबोधन में एक बड़ा संदर्भ देते हुए कहा कि  जब केन्द्र  में मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे और नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने 10 वर्षों में गुजरात मॉडल विकसित किया था। अब तेलंगाना के लोगों को भी उनसे ऐसी ही उम्मीद है कि आने वाले 10 वर्षों में तेलंगाना मॉडल तैयार होगा, जिससे राज्य 2034 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सके।

उन्होंने कहा कि देश की कुल आबादी में तेलंगाना की हिस्सेदारी 3 प्रतिशत से भी कम है, लेकिन राज्य का लक्ष्य प्रधानमंत्री मोदी के 30 ट्रिलियन डॉलर की भारतीय अर्थव्यवस्था के विजन को पूरा करने में 10 प्रतिशत जीडीपी योगदान देने का है।


पीएम मोदी की चुटकी: “गुजरात जितना दिया, तो अभी वाला भी आधा हो जाएगा”

मुख्यमंत्री की बातों का जवाब प्रधानमंत्री ने बड़े ही मजाकिया और अनौपचारिक अंदाज में दिया। पीएम ने हंसते हुए कहा:

  • राजनीति से परे: “चूंकि रेवंत जी ने कहा कि वह राजनीतिक बात नहीं करेंगे, तो मैं भी मर्यादा रखूंगा।”

  • गणित का खेल: “रेवंत जी, अगर मैं आपको उतना ही दूं जितना मैंने मुख्यमंत्री रहते हुए 10 साल में गुजरात के लिए (केंद्र से) लिया था, तो तेलंगाना को आज जो मिल रहा है, वह आधा हो जाएगा। आज केंद्र तेलंगाना को उससे कहीं ज्यादा दे रहा है।”

  • सीधी सलाह: मोदी ने मुस्कुराते हुए कहा कि आप जहां पहुंचना चाहते हैं, वहां अकेले शायद न पहुंच पाएं, इसलिए “अच्छा है कि मेरे से ही जुड़ो।”


निष्कर्ष

हैदराबाद का यह मंच गवाह बना कि विकास के मुद्दे पर केंद्र और राज्य के बीच की कड़वाहट कम हो सकती है। जहाँ एक तरफ मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के अनुभव को सराहा, वहीं पीएम ने भी ‘बड़े भाई’ की तरह चुटकी लेते हुए साथ मिलकर चलने का संकेत दिया।

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