देहरादून 11 मई | देवभूमि के शिखरों पर उमड़ता आस्था का सैलाब इस बार अपने साथ दुखद आंकड़े भी लेकर आया है। उत्तराखंड की पवित्र चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के बीच स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां जानलेवा साबित हो रही हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, यात्रा शुरू होने के महज कुछ ही दिनों के भीतर 34 श्रद्धालुओं ने अपनी जान गंवा दी है।
📍 केदारनाथ: सबसे ज्यादा भीड़, सबसे ज्यादा जोखिम
आंकड़ों की माने तो बाबा केदार के दरबार में हाजिरी लगाने की होड़ सबसे अधिक है, लेकिन यही रूट सबसे घातक भी साबित हो रहा है।
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कुल मौतें: 18 (अकेले केदारनाथ मार्ग पर)।
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श्रद्धालुओं की संख्या: 22 अप्रैल से अब तक 4,01,748 से अधिक भक्त दर्शन कर चुके हैं।
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मुख्य कारण: हाई एल्टीट्यूड सिकनेस, हृदय रोग और सांस लेने में तकलीफ।
📊 धाम-वार मृत्यु दर (30 अप्रैल तक का विश्लेषण)
| धाम | कपाट खुलने की तिथि | मौतों की संख्या |
|---|---|---|
| केदारनाथ | 22 अप्रैल | 08 |
| यमुनोत्री | 19 अप्रैल | 03 |
| बदरीनाथ | 23 अप्रैल | 02 |
| गंगोत्री | 19 अप्रैल | 01 |
स्वास्थ्य विभाग की चेतावनी: ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में कम ऑक्सीजन और अत्यधिक ठंड हृदय रोग और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है। विभाग ने यात्रियों से अपील की है कि वे स्वास्थ्य परीक्षण के बाद ही आगे बढ़ें।
💡 यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
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अनुकूलन (Acclimatization): अचानक ऊंचाई पर न चढ़ें, शरीर को वातावरण के अनुसार ढलने का समय दें।
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मेडिकल चेकअप: यात्रा शुरू करने से पहले अपनी फिटनेस की जांच जरूर करवाएं।
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दवाइयां: यदि आप बीपी या हृदय रोगी हैं, तो अपनी दवाइयां साथ रखें और लक्षण दिखते ही चिकित्सा शिविर से संपर्क करें।
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