हैदराबाद 10 मई : वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोलियम उत्पादों के संरक्षण की भावुक अपील की है। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम ने स्पष्ट किया कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में पेट्रोल, डीजल और गैस का विवेकपूर्ण उपयोग अब केवल व्यक्तिगत बचत नहीं, बल्कि ‘राष्ट्रहित’ का विषय बन गया है।
⛽ वैश्विक तनाव और भारत पर असर
प्रधानमंत्री का यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते कूटनीतिक और सैन्य टकराव के संदर्भ में आया है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्ग, हॉर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में बढ़ते तनाव ने भारत की चिंताएं बढ़ा दी हैं। चूँकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, सप्लाई चेन में कोई भी रुकावट सीधे अर्थव्यवस्था और आम नागरिक की जेब पर भारी पड़ सकती है।
🛡️ सरकार की ‘डबल स्ट्रैटेजी’
पीएम मोदी ने संकट से निपटने के लिए दोहरे रोडमैप पर जोर दिया:
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ऊर्जा संरक्षण: ईंधन की बचत से विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम होगा।
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स्वदेशी विकल्प: सरकार सौर ऊर्जा और पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण (Ethanol Blending) की गति तेज कर रही है ताकि आयात पर निर्भरता न्यूनतम की जा सके।
🏗️ तेलंगाना को ₹9,400 करोड़ की सौगात
ईंधन संरक्षण की अपील के साथ ही पीएम ने तेलंगाना के विकास के लिए कई परियोजनाओं का अनावरण किया:
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पीएम मित्र पार्क: वारंगल में देश के पहले कार्यात्मक ‘काकतीय मेगा टेक्सटाइल पार्क’ की शुरुआत, जिससे हजारों रोजगार सृजित होंगे।
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इंफ्रास्ट्रक्चर: हैदराबाद में नए पेट्रोलियम टर्मिनल, रेलवे विस्तार और सड़क चौड़ीकरण परियोजनाओं का शिलान्यास।
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ग्रीन फ्यूल: एलपीजी के विकल्प के रूप में PNG और CNG नेटवर्क के विस्तार पर जोर।
“आज ऊर्जा संरक्षण केवल एक आर्थिक जरूरत नहीं, बल्कि हर नागरिक की देश के प्रति जिम्मेदारी है।” — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
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