नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देश की आर्थिक स्थिति और पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी युद्ध को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट के जरिए चेतावनी दी है कि भारत एक गंभीर आर्थिक संकट की दहलीज पर खड़ा है और इसकी सबसे बड़ी मार चुनाव के ठीक बाद आम जनता पर पड़ने वाली है।
▪️ ‘100 के पार जा सकता है डॉलर के मुकाबले रुपया’
राहुल गांधी ने डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरती कीमत पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि रुपये का 100 के आंकड़े की तरफ बढ़ना सामान्य बात नहीं है। उन्होंने इसे आने वाली भयंकर महंगाई का साफ संकेत बताया है।
▪️ इन 4 मोर्चों पर होगा सीधा प्रहार:
राहुल गांधी ने अपने विश्लेषण में बताया कि कैसे यह संकट आम आदमी की थाली और देश के उद्योगों को प्रभावित करेगा:
-
महंगा ट्रांसपोर्ट: ईंधन के दाम बढ़ने से माल ढुलाई महंगी होगी, जिससे सब्जियां, दूध और राशन की कीमतें आसमान छुएंगी।
-
MSME की तबाही: सूक्ष्म और लघु उद्योग कच्चे माल की बढ़ती लागत और महंगे ईंधन के कारण बंद होने की कगार पर पहुँच जाएंगे।
-
शेयर बाजार में गिरावट: विदेशी निवेशक (FII) तेजी से अपना पैसा बाहर निकालेंगे, जिससे बाजार अस्थिर होगा।
-
आम आदमी की जेब: पेट्रोल, डीजल और LPG गैस सिलेंडर की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी तय है।
“सरकार भले ही इसे सामान्य बताए, लेकिन हकीकत यह है कि चुनाव खत्म होते ही तेल और गैस की कीमतें बढ़ाई जाएंगी। असली सवाल यह है कि इस महंगाई के बाद आपकी थाली में क्या बचेगा?” — राहुल गांधी, नेता प्रतिपक्ष
▪️ ‘रणनीति नहीं, सिर्फ कोरी बयानबाजी’
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के पास इस गहराते संकट से निपटने के लिए कोई ठोस योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने केवल चुनावों के कारण ईंधन की कीमतों को रोक कर रखा है। राहुल ने विदेश नीति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ऊर्जा सुरक्षा से समझौता करना करोड़ों परिवारों के लिए एक ‘आर्थिक त्रासदी’ साबित होगा।
।।।








