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बड़ी खबर: धोखाधड़ी मामले में कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को जेल, किसानों के साथ जालसाजी का आरोप

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जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ की सियासत में उस वक्त हड़कंप मच गया जब जांजगीर-चांपा की मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) कोर्ट ने जैजैपुर विधानसभा से कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। किसानों के साथ धोखाधड़ी के मामले में फँसे विधायक को अब 22 जनवरी तक सलाखों के पीछे रहना होगा। पुलिस द्वारा चार्जशीट (चालान) पेश किए जाने के बाद कोर्ट ने विधायक की जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें तत्काल जेल भेजने का आदेश सुनाया।

क्या है पूरा मामला?

विधायक बालेश्वर साहू पर लगभग दो महीने पहले किसानों की शिकायत पर धारा 420 (धोखाधड़ी) और अन्य गंभीर धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था। आरोप है कि उन्होंने किसानों के साथ आर्थिक अनियमितता और जालसाजी की। मामला दर्ज होने के बाद से ही विधायक पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी।

हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत

गिरफ्तारी से बचने के लिए बालेश्वर साहू ने पूर्व में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। हालांकि, हाई कोर्ट ने उन्हें कोई ठोस राहत न देते हुए पुलिस को मामले का चालान जल्द पेश करने का निर्देश दिया था। शुक्रवार को जैसे ही पुलिस ने सीजेएम कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की, विधायक भी वहां मौजूद रहे। कोर्ट ने मामले के तथ्यों और गंभीरता को देखते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में लेने का सख्त फैसला सुनाया।

मेडिकल के बाद खोखरा जेल में दाखिला

कोर्ट के आदेश के तुरंत बाद पुलिस ने विधायक को हिरासत में ले लिया। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका अनिवार्य स्वास्थ्य परीक्षण (मेडिकल) कराया गया। इसके बाद पुलिस की विशेष टीम उन्हें लेकर खोखरा जिला जेल पहुँची, जहाँ उन्हें दाखिल कर दिया गया है।

सियासी सरगर्मी तेज

एक मौजूदा विधायक की गिरफ्तारी के बाद प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई है। जहाँ सत्ता पक्ष इसे ‘कानून का राज’ बता रहा है, वहीं कांग्रेस इसे राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित कार्रवाई बता सकती है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सदन से लेकर सड़क तक घमासान मचना तय है।