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नववर्ष की खुशियां मातम में बदली: ब्लैकबोर्ड पर ज्ञान की ज्योत जलाते थमीं देवेंद्र सर की सांसें

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बतौली (सरगुजा): साल 2026 का पहला सूरज बतौली के शिक्षा जगत के लिए एक ऐसी खबर लेकर आया जिसने हर आंख नम कर दी। कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बतौली के आधार स्तंभ और गणित के वरिष्ठ व्याख्याता देवेंद्र गुप्ता का गुरुवार को विद्यालय परिसर में ही दिल का दौरा पड़ने से आकस्मिक निधन हो गया। जिस विद्यालय को उन्होंने अपने जीवन के कई वर्ष समर्पित किए, उसी की दहलीज पर उन्होंने अंतिम सांस ली।

कर्तव्य पथ पर चलते हुए ली अंतिम विदाई

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गुप्ता जी नववर्ष के पहले दिन अपने नियमित शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त थे। छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद देने और स्कूल की व्यवस्थाएं संभालने के दौरान ही अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा। सहकर्मियों ने तत्काल उन्हें संभालने का प्रयास किया और चिकित्सकीय मदद भी बुलाई, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। हार्ट अटैक इतना तीव्र था कि उन्हें बचाया नहीं जा सका।

एक शिक्षक ही नहीं, छात्राओं के ‘संबल’ थे गुप्ता जी

देवेंद्र गुप्ता केवल गणित के शिक्षक नहीं थे, बल्कि वे अनुशासन और तार्किक सोच के पर्याय थे। कन्या शाला की छात्राओं के लिए वे एक ऐसे मार्गदर्शक थे, जिन्होंने न केवल अंकों के गणित को सुलझाया, बल्कि जीवन की चुनौतियों से लड़ने का आत्मविश्वास भी दिया। उनके साथी शिक्षकों ने भारी मन से बताया कि विद्यालय की हर छोटी-बड़ी समस्या का समाधान गुप्ता जी के पास होता था।

शोक में डूबा समूचा क्षेत्र

जहाँ पूरी दुनिया नए साल के जश्न में डूबी थी, वहीं बतौली कन्या विद्यालय परिसर में सन्नाटा पसरा रहा। छात्राओं की सुबकियाँ और शिक्षकों के स्तब्ध चेहरे इस क्षति की गहराई बयां कर रहे थे। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि और नागरिक भी विद्यालय पहुंचे और इस प्रेरक व्यक्तित्व को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

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