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तिरंगे में लिपटकर हुई विदाई: जिस बेटे के स्वागत में बिछी थीं पलकें, उसकी अर्थी देख रो पड़ा पखांजूर

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छुट्टी पर घर आए सेना के जवान की ट्रैक्टर पलटने से मौत, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर

पखांजूर/कांकेर। कांकेर जिले के पखांजूर क्षेत्र से एक अत्यंत दुखद और मार्मिक खबर सामने आई है। भारतीय सेना में सेवा दे रहे देश के एक जांबाज जवान तुलसी राम सहारे की उनके पैतृक गांव ओटेकसा में एक दर्दनाक हादसे के दौरान मौत हो गई। जो हाथ सरहद पर देश की सुरक्षा में बंदूक थामते थे, वे नियति के क्रूर प्रहार के आगे बेबस हो गए। जवान अपनी छुट्टियों का आनंद लेने घर आए थे, लेकिन किसे पता था कि यह उनकी आखिरी घर वापसी होगी।

कैसे हुआ हादसा?

मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना कोड़ेकुर्सी थाना क्षेत्र के ओटेकसा गांव की है। जवान तुलसी राम सहारे हाल ही में छुट्टी लेकर अपने परिवार के पास आए हुए थे। गांव के पास नदी से ट्रैक्टर के माध्यम से रेती (रेत) निकालने का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक ट्रैक्टर का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गया। तुलसी राम ट्रैक्टर की चपेट में आ गए और उसके नीचे दब गए। हादसा इतना भीषण था कि जब तक ग्रामीण उन्हें बचाने के लिए दौड़ते, तब तक जवान ने दम तोड़ दिया था।

गमगीन हुआ इलाका, परिजनों का बुरा हाल

जैसे ही यह खबर फैली कि सेना का एक जवान हादसे का शिकार हो गया है, पूरे पखांजूर क्षेत्र में मातम छा गया। परिवार में जहां खुशियों का माहौल था, वहां अब चीख-पुकार मची हुई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि तुलसी राम बेहद मिलनसार और होनहार थे, उनकी कमी कभी पूरी नहीं की जा सकती।

पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई

घटना की सूचना मिलते ही कोड़ेकुर्सी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और विधिक कार्यवाही पूरी की। इसके पश्चात, सैनिक कल्याण बोर्ड कांकेर के जवानों की उपस्थिति में तुलसी राम सहारे का पार्थिव शरीर उनके गांव पहुंचा। तिरंगे में लिपटे शहीद समान जवान को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। सैन्य परंपराओं के अनुसार अंतिम सलामी दी गई और नम आंखों से उन्हें विदाई दी गई। इस दौरान भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।

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