Significant changes in registration guideline rates in Chhattisgarh: The valuation board made the decision based on suggestions from stakeholders.
रायपुर, 8 दिसंबर 2025 :कार्यालय महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक, छत्तीसगढ़ रायपुर ने आज एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर गाइडलाइन दरों एवं उपबंधों के पुनरीक्षण संबंधी केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड के महत्वपूर्ण निर्णयों की घोषणा की। ये निर्णय राज्य में 19 नवंबर 2025 को जारी की गई नई गाइडलाइन दरों के संबंध में हितधारकों से प्राप्त ज्ञापनों, सुझावों और प्रस्तावों के परीक्षण के बाद लिए गए हैं।
केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड द्वारा लिए गए प्रमुख निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू होंगे, जो इस प्रकार हैं:
-
भूखंडों की इंक्रीमेंटल गणना का प्रावधान समाप्त:
-
नगरीय क्षेत्र में 1400 वर्ग मीटर तक भूखंडों के इंक्रीमेंटल आधार पर गणना के प्रावधान को समाप्त कर दिया गया है।
-
अब पूर्व प्रचलित उपबंध अनुसार मूल्यांकन किया जाएगा, जिसके तहत नगर निगम क्षेत्र में 50 डेसिमल तक, नगर पालिका में 37.5 डेसिमल तक, और नगर पंचायत में 25 डेसिमल तक स्लैब दर से मूल्यांकन का प्रावधान यथावत लागू रहेगा।
-
-
बहुमंजिला भवनों में बिल्ट-अप एरिया पर मूल्यांकन:
-
बहुमंजिला भवनों में फ्लैट/दुकान/कार्यालय के अंतरण पर सुपर बिल्ट अप एरिया के आधार पर बाजार मूल्य की गणना के प्रावधान को विलोपित कर दिया गया है।
-
अब इनका मूल्यांकन बिल्ट अप एरिया के आधार पर किया जाएगा। यह बदलाव मध्य प्रदेश के समय से चले आ रहे प्रावधान को खत्म करता है और राज्य में वर्टिकल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
-
-
फ्लोरवाइज मूल्यांकन में कमी का प्रावधान:
-
बहुमंजिला भवन एवं कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में बेसमेंट एवं प्रथम तल पर 10% कमी और द्वितीय तल एवं उससे ऊपर के तल पर 20% कमी के साथ मूल्यांकन किया जाएगा।
-
इस निर्णय से मध्यम वर्ग को किफायती दर पर फ्लैट उपलब्ध हो सकेंगे।
-
-
कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में आंतरिक संपत्ति पर दर में कमी:
-
कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में मुख्य मार्ग की ओर से निर्मित भाग से 20 मीटर पश्चात् स्थित संपत्ति के लिए भूखंड की दर में 25% कमी कर मूल्यांकन किया जाएगा।
-
-
जिला मूल्यांकन समितियों को निर्देश:
-
जिला मूल्यांकन समितियों को निर्देश दिए गए हैं कि हाल ही में हुई दरों में वृद्धि के पश्चात् प्राप्त ज्ञापनों, आपत्तियों एवं सुझावों का परिशीलन कर 31 दिसंबर 2025 तक गाइडलाइन दरों में पुनरीक्षण के प्रस्ताव केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजें।
-
ये सभी निर्णय तत्काल प्रभावशील होंगे, जिससे संपत्ति खरीददारों और रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े हितधारकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।









