नई दिल्ली: भारत सरकार सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियम 2021 में संशोधन करने की योजना बना रही है, जिससे डिजिटल कंटेंट पर नई पाबंदियां जोड़ी जा सकें। प्रस्तावित बदलावों के अनुसार, कोई भी डिजिटल सामग्री प्रसारित नहीं की जाएगी जिसमें अश्लील, मानहानिकारक, जानबूझकर गलत, संकेतात्मक टिप्पणी/इशारे, या आधी-सच्चाइयां हों ।
नए नियमों के मुख्य बिंदु:
>- अश्लील और मानहानिकारक सामग्री पर प्रतिबंध
>- जाति, वर्ण, धर्म, नस्ल या राष्ट्रीयता का अपमान करने वाली सामग्री पर प्रतिबंध
>- हिंसा को बढ़ावा देने वाली सामग्री पर प्रतिबंध
>- टीवी की तरह रेटिंग सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव
>- पेरेंटल कंट्रोल की सुविधा देना अनिवार्य
नियमों का उल्लंघन करने पर सजा:
>- पहली बार दोषी पाए जाने पर – 3 साल की जेल या 5 लाख रुपये जुर्माना, या दोनों
>- दूसरी बार दोषी पाए जाने पर – 5 साल की जेल या 10 लाख रुपये जुर्माना, या दोनों
इसके साथ ही मंत्रालय चाहता है कि ऑनलाइन जारी हर डिजिटल कंटेंट को उसकी प्रकृति के हिसाब से वर्गीकृत किया जाए, यानी टीवी की तरह रेटिंग सिस्टम लागू किया जाए।
रेटिंग इस तरह होगी:
• U — सभी उम्र के लिए
• U/A 7+ — 7 साल से ऊपर के बच्चों के लिए
• U/A 13+ — 13 साल से ऊपर के लिए
• U/A 16+ — 16 साल से ऊपर के लिए
13 साल या उससे अधिक उम्र के बच्चों के लिए कंटेंट दिखाने वाले प्लेटफॉर्म्स को पेरेंटल कंट्रोल की सुविधा देना अनिवार्य होगा, ताकि माता-पिता बच्चों के लिए कंटेंट लॉक कर सकें।
MIB डिजिटल वीडियो इंटरमीडियरी और OTT प्लेटफॉर्म्स के नियम लगभग तैयार कर चुका है। इसके अलावा, ब्लॉगर्स, व्लॉगर्स और इन्फ्लुएंसर्स जैसे कंटेंट क्रिएटर्स के लिए अलग नियमों पर भी विचार किया जा रहा है।
इसी तरह, समाचार और करंट अफेयर्स वाले डिजिटल चैनलों के लिए भी अलग नियम बनाने पर चर्चा चल रही है।
अभी ये प्रस्तावित संशोधन हैं और इन्हें अंतिम रूप देने और लागू करने की प्रक्रिया सरकार तय करेगी।








