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SECL और भू विस्थापितों के बढ़ते तनाव के बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज हरदी बाजार पहुंचेंगे..राजनीतिक हलचल तेज.. काला झंडा दिखाने की तैयारी

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कोरबा: SECL और भूविस्थापितों के बीच बढ़ते तनाव व तमाम तरह के आरोप-प्रत्यारोप के बीच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के हरदी बाजार आगमन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई। जहां एक ओर भूपेश विरोधी कांग्रेसियों की बैचेनी बढ़ गई हैं दूसरी ओर भूपेश समर्थक कांग्रेसी इस कार्यक्रम में अपने नेता का स्वागत करने बड़ी संख्या में पहुंच सकते है। बता दे की भूपेश बघेल अब तक कोरबा जिले में हस्तक्षेप नहीं करते थे लेकिन प्रदेश कांग्रेस के अंदर नेताओं के बीच चल रही खींचतान का ही परिणाम है कि वे हरदी बाजार आ रहे हैं।

वहीं सूत्रों से यह पता चला है कि विपक्षी दल पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश को काला झंडा दिखाने की तैयारी कर रहा है। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है बघेल के आगमन को लेकर राजनीति में गर्माहट आ गई हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मंच से खुलकर SECL की कार्यप्रणाली पर हमला कर सकते हैं 

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आज कोरबा जिले के खदान प्रभावित क्षेत्र हरदी बाजार के प्रवास पर रहेंगे। उनका प्रवास कार्यक्रम निर्धारित हो चुका है जिसके तहत दोपहर 2 बजे वे विकासखंड पाली के हरदी बाजार ग्राम पहुंचेंगे एवं सायं 4 बजे तक उनका समय यहां आरक्षित रहेगा। वे SECL की खदान के लिए भूमि अधिग्रहण के संबंध में प्रबंधन द्वारा कराए जा रहे सर्वे,नापी, मुआवजा आदि की उत्पन्न समस्याओं के संबंध में भू~ विस्थापितों से चर्चा करेंगे।माना जा रहा है कि बघेल मंच से एसईसीएल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर खुलकर हमला बोल सकते हैं।

गौरतलब है कि secl प्रबंधन के द्वारा खदानों के लिए वर्षों पहले से जमीनों का अधिग्रहण कर लिया गया है लेकिन अर्जन की कार्रवाई लंबित रखी गई जिसकी वजह से अब जबकि जमीनों का अर्जन करना है तब मुआवजा,नौकरी से लेकर पुनर्वास की समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं और प्रबंधन के साथ बार-बार भूविस्थापितों का टकराव हो रहा है। इसकी वजह से कई बार कानून व्यवस्था था की स्थिति भी जहां बिगड़ रही है वहीं आपसी मनमुटाव भी बढ़ रहे हैं। एसईसीएल के अधिकारियों पर भी मनमानी करने का आरोप लग रहा है।
वहीं भूविस्थापितों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने के साथ उन्हें जेल भी भेजा जा रहा है। बढ़ते तनाव के मध्य पिछले दिनों हरदीबाजार की जमीनों का अर्जन करने के लिए प्रबंधन द्वारा सर्वे, नापी का कार्य शुरू कराया गया। इसके विरोध में ग्रामीणों ने पूर्व के कड़वे अनुभवों को साझा करते हुए भू अर्जन से पहले बसाहट और परिसंपत्तियों का सही मूल्यांकन कर मुआवजा बनाने व अन्य मांगों को प्रबंधन के समक्ष रखा है। जिला प्रशासन की मध्यस्थता में हुई बैठक के उपरांत कई बिंदुओं पर चर्चा हुई।

विस्थापितों के प्रमुख आरोप:

* उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद रोजगार नहीं दिया जा रहा है।

* मुआवजे में भारी कटौती की जा रही है।

* पुनर्वास की व्यवस्था को बंद किया जा रहा है।

* खदान क्षेत्र के प्रभावितों को आउटसोर्सिंग कंपनियों में भी रोजगार नहीं मिल रहा है, और ये कंपनियां वेतन, भत्ते, मेडिकल, सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं तक नहीं दे रही हैं।

* शासन और प्रशासन उनकी बातें सुनने के बजाय प्रताड़ित कर रहा है।

दमन के विरुद्ध एकजुटता दिखाने की अपील

ऊर्जाधानी भूविस्थापित किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने सभी प्रभावितों से इस दमन और शोषण के विरुद्ध एकजुट होने की भावुक अपील की है।
उन्होंने कहा है कि चाहे आप किसी भी राजनीतिक विचारधारा के हों, अब समय आ गया है कि गंभीर स्थिति से निपटने के लिए एक हों, अन्यथा आने वाली पीढ़ियां अपमान करेंगी। उन्होंने सभी से विनम्र आग्रह किया है कि 26 सितंबर को हरदीबाजार पहुंचकर इस आयोजन में सम्मिलित हों और एकजुटता का संदेश दें, जिससे यह संघर्ष अपने हक व अधिकार की रक्षा के लिए मील का पत्थर साबित हो सके।

राजनीतिक हलचल
भूपेश बघेल के दौरे को लेकर कांग्रेस के अंदर हलचल तेज हो गई है और SECL प्रबंधन भी सतर्क हो गया है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बघेल का यह दौरा विस्थापन आंदोलन को नई धार दे सकता है और प्रबंधन को कटघरे में खड़ा करेगा।

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