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RAIPUR Nagar Nigam : पार्षदों ने PCC चीफ़ दीपक बैज के फैसले को नकारा संदीप को चुना नेता प्रतिपक्ष .. आकाश तिवारी की कुर्सी छीन ली

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RAIPUR Nagar Nigam News: रायपुर नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष को लेकर चल रहा विवाद अब सुलझ गया है। कांग्रेस के 8 पार्षदों में से 5 ने बगावत कर संदीप साहू को समर्थन दे दिया है, जिससे आकाश तिवारी की कुर्सी छिन गई है। अब संदीप साहू नेता प्रतिपक्ष बन गए हैं।

क्या है पूरा मामला?

नगर निगम चुनाव के बाद कांग्रेस जिला अध्यक्ष गिरीश दुबे ने संदीप साहू को नेता प्रतिपक्ष घोषित किया था, लेकिन बाद में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने आकाश तिवारी को नेता प्रतिपक्ष बनाने के लिए सभापति को लेटर हेड पर लिखकर दिया । संगठन के इस फैसले से असंतुष्ट होकर 5 कांग्रेस पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया था, जिसे बाद में उन्होंने वापस ले लिया।

सभापति का फैसला

सभापति सूर्यकांत राठौर ने बताया कि सभी पार्षदों से राय जानने के बाद लिखित अभिमत लिया गया है। पार्षदों ने कांग्रेस पार्टी से आए कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के पत्र को नकार दिया है और आकाश तिवारी के नाम पर कोई सहमति नहीं दी है। अब संदीप साहू नेता प्रतिपक्ष होंगे, जब तक आधिकारिक रूप से नया नाम घोषित नहीं होता । उन्होंने बताया कि 23 सितंबर को कांग्रेस के पांच पार्षदों ने बैठक की इसमें जयश्री नायक, दीप मनीराम साहू, रोनिता प्रकाश जगत, संदीप साहू और रेणु जयंत साहू शामिल थे, जबकि तीन पार्षद अर्जुमन डेबर, शेख मुशीर और आकाश तिवारी बैठक में नहीं थे।

विवाद की जड़ खुद कांग्रेस पार्टी हैं 

सभापति सूर्यकांत ने कहा कि विवाद की जड़ खुद कांग्रेस पार्टी हैं। शुरुआत में कांग्रेस ने संदीप साहू को नेता प्रतिपक्ष के रूप में चुना और जिलाध्यक्ष का पत्र आने पर इसे स्वीकार किया गया। लेकिन तीन महीने बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी का पत्र आया की संदीप साहू की जगह आकाश तिवारी को नेता प्रतिपक्ष नियुक्त किया गया है।सभापति ने बताया कि जिस दिन कांग्रेस के जिला अध्यक्ष का पत्र उन्हें मिला, उसी दिन कांग्रेस के 5 पार्षदों ने इस्तीफा सौंपा। इसके बाद, कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष का दूसरा पत्र आया, जिसमें बताया गया कि पांचों पार्षदों ने इस्तीफा वापस ले लिया है। आकाश तिवारी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता दी जाए।

बागी पार्षद क्या बोले..

सभापति सूर्यकांत ने बताया कि बैठक में पार्षदों से पूछा गया कि, कांग्रेस का संगठन आकाश तिवारी को नेता प्रतिपक्ष बनाने के लिए कह रहा है, तो पार्टी के पार्षद इससे इनकार क्यों कर रहे हैं। इस पर पांचों पार्षदों ने कहा कि, हम पार्टी छोड़कर जाने वाले शख्स को नेता प्रतिपक्ष नहीं मानते हैं।

इस दौरान पार्षदों ने सभापति से बताया कि कांग्रेस ने आकाश तिवारी को टिकट नहीं दिया था, तब उन्होंने पार्टी के खिलाफ जाकर निर्दलीय चुनाव लड़ा। बागी नेता को हमारी सहमति नहीं है। हमने पहले भी संगठन को अपना इस्तीफा सौंपा था। पुराने फैसले पर हम अडिग हैं। हमने संदीप साहू को अपना अभिमत दिया है।

महापौर बोली- कांग्रेस अपने सभी पार्षदों को नेता प्रतिपक्ष बना दे

कांग्रेस में नेता प्रतिपक्ष विवाद पर महापौर मीनल चौबे ने कहा कि अगर कांग्रेस अपना नेता प्रतिपक्ष नियुक्त करती है तो ठीक है, अगर नहीं करती है तो भी ठीक है। यह न तो हमारा मामला है और न ही हमारी पार्टी का। नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस का आंतरिक मामला है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपना नेता प्रतिपक्ष नियुक्त नहीं कर पा रही है। कांग्रेस के आठ पार्षद हैं, उन्हें सभी को नेता प्रतिपक्ष नियुक्त कर देना चाहिए, हमें कोई समस्या नहीं है। यह हमारा मामला नहीं है। कांग्रेस को मिलकर इस मुद्दे को सुलझाना चाहिए।

बीजेपी स्तरहीन राजनीति कर रही- कांग्रेस

कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि किस निगम अधिनियम के तहत सभापति ने यह जांच कराई, जबकि कांग्रेस ने पहले ही अपने लेटर हेड पर लिखकर दे दिया है कि आकाश तिवारी को नेता प्रतिपक्ष बनाया जाए। सभापति के पास कोई अधिकार नहीं है लेकिन भाजपा स्तरहीन की राजनीति कर रही हैं।

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