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कैबिनेट में 14 मंत्रियों के सवाल पर रमन सिंह का बड़ा बयान, कहा- न्यायालय का फैसला रहेगा अंतिम, नेता प्रतिपक्ष ने लिखा था पत्र

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बिलासपुर: साय कैबिनेट में 14 मंत्रियों पर हाईकोर्ट में कांग्रेस की ओर से दायर याचिका के बीच विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि इस पर न्यायालय का फैसला अंतिम रहेगा.

हरियाणा में 5-6 साल से यह चल रहा है. 13.5 मतलब 13 भी हो सकता है, और 14 भी.

बिलासपुर में स्वर्गीय काशीनाथ गोरे के स्मारिका विमोचन में शामिल होने पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह ने मीडिया से चर्चा में कहा कि जो लोग सवाल उठा रहे हैं, उन्हें न्यायालय पर भरोसा होना चाहिए, चिंता करने की कोई जरूरत नहीं. वहीं महाराष्ट्र के राज्यपाल के तौर पर उनके नाम को लेकर हो रही चर्चा पर कहा कि मैं छत्तीसगढ़ में ही भला हूं.

दरअसल, महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकित किया गया है. उनके उप राष्ट्रपति चुने जाने के साथ ही खाली होने वाले राज्यपाल के पद पर किसी वरिष्ठ भाजपा नेता को नियुक्त किए जाने की चर्चा है, इनमें से एक नाम पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का भी नाम शामिल है.

नेता प्रतिपक्ष ने राज्यपाल को लिखा पत्र

छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर गरमाहट आ गई है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने राज्यपाल रमेन डेका को पत्र लिखकर हाल ही में साय सरकार द्वारा किए गए मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर गंभीर आपत्ति जताई है। उन्होंने संवैधानिक नियमों का हवाला देते हुए, एक मंत्री को तत्काल पद से हटाने की मांग की है।

बता दें कि 20 अगस्त को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया था। इस विस्तार में 14 मंत्रियों को शामिल किया गया।
डॉ. महंत ने अपने पत्र में लिखा है कि संविधान के अनुच्छेद 164(1A) के तहत किसी भी राज्य में मुख्यमंत्री समेत मंत्रियों की कुल संख्या, विधानसभा के कुल सदस्यों की संख्या के 15% से अधिक नहीं हो सकती।

नेता प्रतिपक्ष का तर्क है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा में कुल 90 विधायक हैं, ऐसे में अधिकतम 13 मंत्री ही बनाए जा सकते थे, लेकिन वर्तमान में 14 मंत्री हैं, जो संविधान की अवहेलना है।डॉ चरण दास महंत ने राज्यपाल से तत्काल हस्तक्षेप करने और एक मंत्री को पद से हटाने की मांग की है। उन्होंने इसे संवैधानिक मर्यादाओं और लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवश्यक बताया।