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एक्सिस म्यूचुअल फंड फ्रंट रनिंग मामला: वीरेश जोशी गिरफ्तार

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Axis Mutual Fund front running case: Viresh Joshi arrested

Axis Mutual Fund Front Running and ED: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक्सिस म्यूचुअल फंड के पूर्व चीफ ट्रेडर और फंड मैनेजर वीरेश जोशी को मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में गिरफ्तार किया है। जोशी पर आरोप है कि उन्होंने फ्रंट-रनिंग जैसे गैरकानूनी तरीके से निवेशकों को करीब 200 करोड़ रुपये का चूना लगाया।

आरोप और जांच
ईडी के मुताबिक, जोशी ने 2018 से 2021 के बीच एक्सिस म्यूचुअल फंड के लिए जो ट्रेड्स होने थे, उनकी सेंसिटिव जानकारियों का दुरुपयोग करते हुए खुद या अपने सहयोगियों के नाम पर पहले से ट्रेड कर दिए। इन ट्रेड्स से अवैध रूप से मोटा मुनाफा कमाया गया। जांच में पाया गया कि जोशी ने दुबई में एक टर्मिनल के जरिए मुल अकाउंट्स (फर्जी खातों) का इस्तेमाल किया।

अवैध कमाई और संपत्ति फ्रीज
अब तक की जांच में ईडी ने पाया है कि करीब 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की अवैध कमाई हुई है। हालांकि एजेंसी का मानना है कि यह रकम अभी और ज्यादा हो सकती है। जांच के दौरान ईडी ने 17.4 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज की है, जिसमें शेयर, म्यूचुअल फंड और बैंक बैलेंस शामिल हैं।

आगे की कार्रवाई
ईडी का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है और इस मामले में कई और गिरफ्तारियां आने वाले समय में हो सकती हैं। एजेंसी ने देशभर में कई ठिकानों पर छापेमारी कर कार्रवाई की है और आगे भी जांच जारी रखेगी।

फ्रंट-रनिंग क्या है?
फ्रंट-रनिंग शेयर बाजार में एक गैरकानूनी और अनैतिक तरीका है जिसमें कोई ट्रेडर या ब्रोकर क्लाइंट के ऑर्डर की जानकारी पहले से लेकर, उससे पहले खुद के लिए ट्रेड करता है। इससे बाकी निवेशकों को नुकसान होता है और बाजार की पारदर्शिता पर बड़ा असर भी पड़ता है ।

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