बिलासपुर 25/10/2026 : छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता टीएस सिंहदेव ने शनिवार को बिलासपुर के सिरगिट्टी क्षेत्र में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले कार्यकाल के दौरान ‘ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री’ वाले फॉर्मूले को लेकर लगातार हुई चर्चाओं से पार्टी की छवि और चुनावी संभावनाओं को नुकसान पहुँचा।

सिंहदेव ने 2018 के विधानसभा चुनाव को याद करते हुए कहा कि उस समय मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई बहस नहीं थी। पार्टी ने एकजुट होकर चुनाव लड़ा था और जनता ने भी भरपूर समर्थन दिया था। आगामी चुनावों के संदर्भ में उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस को पहले से मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने की आवश्यकता नहीं है; चुनाव जीतने के बाद हाईकमान जिसे योग्य समझेगा, उसे यह जिम्मेदारी दी जाएगी।
कार्यकर्ताओं को जमीनी संपर्क की नसीहत
पार्टी पदाधिकारियों, मंडल और सेक्टर स्तर के कार्यकर्ताओं से लगातार जनता के बीच रहने का आह्वान करते हुए सिंहदेव ने कहा:
-
नियमित संवाद आवश्यक: केवल चुनाव के समय जनता के पास जाने से गलत संदेश जाता है कि नेता अपने स्वार्थ के लिए आ रहे हैं।
-
सुख-दुख में भागीदारी: नेताओं को बड़े भाषण देकर चले जाने के बजाय आम लोगों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं और सुख-दुख सुनना चाहिए।
-
एसआईआर (SIR) पर जोर: बिल्हा में आयोजित जनसभा के दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं से विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से हटाए गए कांग्रेसी सदस्यों के नाम दोबारा जुड़वाने का प्रयास करने को कहा।
सामाजिक बैठकों और जनसभा में बेबाक बोल
बिल्हा मंडी परिसर में जनसभा से पूर्व सरगांव बस स्टैंड पर सिंहदेव का भव्य स्वागत किया गया, जिसके बाद उन्होंने साहू भवन में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि देश में धर्म के नाम पर नफरत फैलाने की कोशिश की जा रही है और भगवान राम के नाम पर लोगों की धार्मिक भावनाओं का राजनीतिक इस्तेमाल तुरंत रुकना चाहिए।



