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सादगी, संस्कार और सुशासन: जब बेगूसराय के डीएम ने छुए राष्ट्रकवि दिनकर की पुत्रवधू के पांव, तो थम सा गया वक्त

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बेगूसराय 29 सितंबर 2026। 23 सितंबर का दिन बेगूसराय के इतिहास में केवल राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती के रूप में ही याद नहीं रखा जाएगा, बल्कि यह दिन प्रशासनिक गरिमा और भारतीय संस्कृति के अद्भुत समागम का गवाह भी बन गया। राष्ट्रकवि के पैतृक गांव सिमरिया में आयोजित जयंती समारोह के दौरान एक ऐसा दृश्य कैमरे में कैद हुआ, जिसने प्रशासनिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया के हर कोने तक लोगों का दिल जीत लिया।

आईएएस अधिकारी और बेगूसराय के जिलाधिकारी (DM) रिची पांडेय जब राष्ट्रकवि की स्मृतियों को नमन करने पहुंचे, तो वहां एक अनोखा पल देखने को मिला।

माल्यार्पण के बाद झुका सिर, छू लिए चरण

समारोह के दौरान जिलाधिकारी रिची पांडेय ने सर्वप्रथम राष्ट्रकवि दिनकर की तस्वीर पर श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनकी महान काव्य-विरासत को नमन किया। इसके ठीक बाद उनका सामना राष्ट्रकवि की वरिष्ठ पुत्रवधू से हुआ।

उच्च पद पर आसीन एक आईएएस अधिकारी ने बिना एक क्षण की देरी किए, पूरे आदर और सादगी के साथ झुककर दिनकर की पुत्रवधू के दोनों पांव छूकर आशीर्वाद लिया। इस क्षण को देखकर वहां मौजूद लोग दंग रह गए। प्रशासनिक पद के अहंकार से परे, भारतीय संस्कारों की यह अभिव्यक्ति वहां उपस्थित हर व्यक्ति के दिल को छू गई।

सोशल मीडिया पर छाई सादगी: “यह पद नहीं, संस्कार की ऊंचाई है”

जैसे ही इस पावन क्षण की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, देशभर से लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं।

  • स्थानीय निवासियों का कहना है: “सार्वजनिक जीवन में बैठे व्यक्ति के व्यवहार से समाज दिशा लेता है। डीएम साहब ने यह साबित किया कि कोई कितना भी बड़ा अधिकारी क्यों न बन जाए, अपनी संस्कृति और बुजुर्गों के प्रति आदर ही इंसान को महान बनाता है।”

  • नेटीजन्स की राय: सोशल मीडिया पर लोगों ने लिखा कि प्रशासनिक दबदबे के बीच ऐसी सादगी और संस्कार विरले ही देखने को मिलते हैं। डीएम रिची पांडेय के इस कदम ने पद की गरिमा को एक नई ऊंचाई दी है।

कौन हैं आईएएस रिची पांडेय? (एक नज़र में)

विवरण जानकारी
नाम एवं बैच रिची पांडेय, IAS (2016 बैच, बिहार कैडर)
जन्म तिथि 14 फरवरी 1988
प्रारंभिक शिक्षा संस्कृति स्कूल, नई दिल्ली
उच्च शिक्षा B.Tech (NSIT, दिल्ली) एवं MBA
कॉरपोरेट अनुभव ‘द स्मार्ट क्यूब’ (AI आधारित बीपीएम) एवं एक्सिस बैंक
वर्तमान पद जिला मजिस्ट्रेट एवं कलेक्टर, बेगूसराय (17 अगस्त 2026 से)
परिवार पत्नी तविशी बहन पांडेय (इंजीनियर) एवं दो बेटियां

प्रशासनिक दक्षता से लेकर खेल और कला के धनी

आईएएस बनने से पहले कॉरपोरेट जगत में अपनी प्रतिभा साबित कर चुके रिची पांडेय केवल एक सख्त और ईमानदार प्रशासक ही नहीं, बल्कि बहुमुखी प्रतिभा के धनी भी हैं:

  • ‘भूमि पुरस्कार’ से सम्मानित: जहानाबाद में डीएम रहते हुए जमीन के दस्तावेजों के रिकॉर्ड्स को डिजिटल बनाने (Digitization) में किए गए उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा उन्हें ‘भूमि पुरस्कार’ से नवाजा जा चुका है।

  • जन शिकायत निवारण में क्रांति: सीतामढ़ी का कलेक्टर रहते हुए उन्होंने ‘जिला जन शिकायत निवारण प्रणाली’ पोर्टल की शुरुआत की, जिससे आम जनता की समस्याओं का निपटारा पारदर्शी और त्वरित गति से संभव हुआ।

  • क्रिकेट के मैदान पर ‘मैन ऑफ द मैच’: 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर सीतामढ़ी में आयोजित जिला प्रशासन और बैंक ऑफ बड़ौदा के मैच में उन्होंने 33 गेंदों पर 30 रन बनाए और 2 विकेट हासिल कर ‘मैन ऑफ द मैच’ का खिताब जीता।

  • सुरों के साधक: प्रशासनिक व्यस्तताओं के बीच रिची पांडेय एक बेहतरीन गायक भी हैं और अक्सर अपनी सुरीली आवाज से लोगों का मन मोह लेते हैं।

सिमरिया की माटी में संस्कारों की छाप

राष्ट्रकवि दिनकर की पावन भूमि सिमरिया में बेगूसराय के डीएम रिची पांडेय द्वारा व्यक्त यह भाव दर्शाता है कि तकनीकी रूप से दक्ष और डिजिटल-फ्रेंडली सोच रखने वाला प्रशासक भी अपनी जड़ों और परंपराओं से कितना गहराई से जुड़ा हो सकता है। बेगूसराय की जनता आज अपने इस युवा और संवेदनशील कप्तान की भूरी-भूरी प्रशंसा कर रही है।

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