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रायपुर-दुर्ग रेलखंड पर तेजी से बिछ रहा 273 किमी लंबा सुरक्षा कवच: 166 किमी ट्रैक पर फेंसिंग पूरी, 130 km/h की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें

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रायपुर 31 अगस्त  Track Safety Fencing : छत्तीसगढ़ में रेल यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों के सुचारू संचालन को लेकर रायपुर रेल मंडल ने एक बड़ा कदम उठाया है। बिलासपुर-दुर्ग रेल सेक्शन के बीच पटरियों के दोनों ओर सुरक्षा घेरा (सेफ्टी फेंसिंग) लगाने का काम युद्धस्तर पर जारी है। इस पूरी योजना का मुख्य उद्देश्य रेलवे ट्रैक पर होने वाले अनधिकृत प्रवेश को रोकना और ट्रेन हादसों पर पूरी तरह लगाम लगाना है।

166 किलोमीटर का काम पूरा, बनेगा सुरक्षित कॉरिडोर

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, बिलासपुर-दुर्ग रेल सेक्शन के बीच कुल 273 किलोमीटर क्षेत्र में फेंसिंग का प्रावधान किया गया है। इसमें से 165.9 किलोमीटर (लगभग 166 किमी) का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस फेंसिंग से पटरियों के दोनों तरफ एक नियंत्रित और सुरक्षित कॉरिडोर तैयार हो रहा है, जिससे भविष्य में हाई-स्पीड ट्रेनों के संचालन को सीधी मदद मिलेगी।

मवेशियों और हादसों पर लगेगी लगाम

ट्रैक पर फेंसिंग लगने से अनाधिकृत रूप से लोगों की आवाजाही बंद होगी, वहीं मवेशियों और जंगली जानवरों के अचानक पटरियों पर आ जाने की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगेगी। इससे रेलवे संपत्ति के नुकसान को बचाया जा सकेगा और ट्रेनों का अनावश्यक स्टॉपेज या लेट-लतीफी खत्म होगी।

130 किमी/घंटे की रफ्तार के लिए बेहद जरूरी

भविष्य में इस रूट पर यात्री ट्रेनों को 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाने की योजना है। इस उच्च गति पर किसी भी दुर्घटना की संभावना को शून्य करने के लिए सेफ्टी फेंसिंग अनिवार्य शर्त है।

“यात्रियों की सुरक्षा और सुगम रेल परिचालन रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुरक्षा घेरा तैयार होने से न केवल हादसों पर लगाम लगेगी, बल्कि ट्रेनों के समय पालन और हाई-स्पीड संचालन के प्रोजेक्ट्स को भी बल मिलेगा।” — शेख शमी उर रहमान, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, रेलवे

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