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कोरबा निवासी से फॉर्च्यूनर कार के नाम पर 20 लाख की धोखाधड़ी: जांजगीर-चांपा पुलिस ने आरोपी विवेक को किया गिरफ्तार

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जांजगीर-चांपा 20 जून।

वाहन खरीदी-बिक्री के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले फरार आरोपियों के खिलाफ जांजगीर-चांपा पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक (SP) विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के कड़े निर्देशन में थाना चांपा पुलिस ने सायबर सेल की मदद से 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी के आरोपी विवेक डडसेना को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी घटना के बाद से लगातार अपनी लोकेशन बदलकर फरार चल रहा था।

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क्या है पूरा मामला?

कोरबा के सर्वमंगला नगर (दुरपा) निवासी प्रार्थी चंद्रप्रकाश जायसवाल ने 27 मई 2026 को थाना चांपा में मामला दर्ज कराया था। शिकायत के अनुसार, 21 अक्टूबर 2024 को उनका सौदा ग्राम करनौद (थाना बिर्रा) निवासी आरोपी विवेक डडसेना (पिता लक्ष्मीप्रसाद डडसेना) के साथ हुआ था। सौदा फॉर्च्यूनर वाहन (क्रमांक CG 11 BN 1748) को गिरवी रखने या बिक्री करने के एवज में 20 लाख रुपये में तय हुआ था।

फर्जी चेक देकर किया गुमराह

रकम लेने के बाद शातिर आरोपी विवेक डडसेना ने उक्त फॉर्च्यूनर कार को किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया। जब कोरबा निवासी प्रार्थी चंद्रप्रकाश को इस बात की भनक लगी और उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपी ने उन्हें एक फर्जी चेक थमा दिया। बैंक में चेक बाउंस होने के बाद प्रार्थी को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास हुआ, जिसके बाद उन्होंने पुलिस की शरण ली।

सायबर तकनीकी से ऐसे दबोचा गया आरोपी

प्रार्थी की रिपोर्ट पर चांपा पुलिस ने अपराध क्रमांक 267/26, धारा 318(4) BNS के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपी कोर्ट और पुलिस से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। अंततः चांपा पुलिस ने सायबर टीम की मदद से आरोपी का मोबाइल लोकेशन ट्रेस किया और आज (19 जून 2026) को उसे उसके निवास स्थान से घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया।

जब्ती और कार्रवाई: कड़ी पूछताछ में आरोपी विवेक डडसेना ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने उसके पास से घटना में प्रयुक्त चेकबुक और मोबाइल फोन जप्त कर लिया है। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस की आम जनता से अपील

इस कार्रवाई के बाद पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है:

  • वाहन खरीदी-बिक्री या गिरवी रखने से पहले वाहन के वैध दस्तावेजों और असली मालिकाना हक की अच्छी तरह जांच कर लें।

  • बड़ी रकम का लेन-देन हमेशा बैंक माध्यमों (ऑनलाइन ट्रांसफर/चेक) से ही करें।

  • किसी भी प्रकार का संदेह होने पर तुरंत नजदीकी पुलिस थाने को सूचित करें।

सराहनीय भूमिका

इस त्वरित और सफल कार्रवाई में चांपा थाना प्रभारी निरीक्षक अशोक वैष्णव, सउनि भुवनेश्वर राठौर, प्रधान आरक्षक सुनील सिंह, आरक्षक श्याम राठौर, प्रकाश द्विवेदी एवं थाना बिर्रा स्टाफ का विशेष योगदान रहा।

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