कोरबा 18 जून । कटघोरा-अंबिकापुर राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन में बदलने की महत्वाकांक्षी परियोजना अब धरातल पर उतरने लगी है। इस बड़े सड़क विस्तार और नए संरेखण (Re-alignment) के मद्देनजर, जिला प्रशासन ने भूमि संबंधी गड़बड़ियों और भविष्य के विवादों को रोकने के लिए एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। परियोजना से प्रभावित 18 गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण, बंटवारा और खाता विभाजन पर अस्थायी रूप से रोक लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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क्यों लिया गया यह फैसला?
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा कटघोरा-शिवनगर-अंबिकापुर मार्ग के चौड़ीकरण के लिए बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण किया जाना है। प्रशासन को आशंका है कि:
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परियोजना की जानकारी बाहर आने से इन क्षेत्रों में जमीनों के सौदे अचानक बढ़ सकते हैं।
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इससे भविष्य में मुआवजा वितरण और जमीन के मालिकाना हक को लेकर बड़े विवाद खड़े हो सकते हैं।
इसीलिए राजस्व और पंजीयन (रजिस्ट्री) विभाग को तत्काल कड़े निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
इन क्षेत्रों पर रहेगी विशेष नजर
वर्तमान राष्ट्रीय राजमार्ग की मध्य रेखा (Center Line) से दोनों ओर 50-50 मीटर के दायरे में आने वाली जमीन और पोड़ी उपरोड़ा व कोनकोना क्षेत्र के नए प्रस्तावित मार्ग से प्रभावित जमीनों की रजिस्ट्री और नामांतरण पर विशेष रोक रहेगी।
प्रभावित होने वाले 18 गांवों की सूची
परियोजना के दायरे में आने वाले जिन 18 गांवों पर यह प्रतिबंध लागू होगा, वे इस प्रकार हैं:
| 1. आमाखोखरा | 2. रामपुर | 3. तानाखार |
| 4. बरपाली | 5. पोड़ी-उपरोड़ा | 6. कोनकोना |
| 7. गुरसिया | 8. बंजारी | 9. मड़ई |
| 10. लमना | 11. चोटिया | 12. परला |
| 13. कपानवापारा | 14. केंदई | 15. केतमा |
| 16. मोरगा | 17. मदनपुर | 18. पुटा |
आर्थिक विकास को मिलेगी रफ्तार
इस फोरलेन सड़क के निर्माण को उत्तर छत्तीसगढ़ और कोरबा क्षेत्र की यातायात व्यवस्था के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन के इस त्वरित फैसले से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया बिना किसी कानूनी अड़चन या विवाद के, बेहद सुव्यवस्थित तरीके से पूरी हो सकेगी।
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