मिशन 2028 और संगठन को धार देने के लिए कांग्रेस का बड़ा दांव, कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह
बेंगलुरु, 04 जून: कर्नाटक की सियासत से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। कांग्रेस आलाकमान ने राज्य में एक बड़ा संगठनात्मक उलटफेर करते हुए अनुभवी और वरिष्ठ नेता बी.के. हरिप्रसाद को कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) का नया कप्तान नियुक्त किया है। पार्टी नेतृत्व के इस अचानक लिए गए फैसले को आगामी राजनीतिक बिसात और संगठन को जमीनी स्तर पर नए सिरे से मजबूत करने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
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हाईकमान का बड़ा राजनीतिक दांव, रणनीतिक बदलाव के संकेत
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कर्नाटक के बदलते सियासी समीकरणों, आंतरिक गुटबाजी पर लगाम लगाने और आने वाले चुनावों की तैयारियों के मद्देनजर कांग्रेस ने यह बेहद अहम पत्ता खेला है। बी.के. हरिप्रसाद को कमान सौंपकर हाईकमान ने साफ कर दिया है कि पार्टी अब संगठन और आम कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल और कड़ा अनुशासन चाहती है।
अनुभव की कसौटी पर खरे हैं हरिप्रसाद
बी.के. हरिप्रसाद कोई नया नाम नहीं हैं; वे कांग्रेस के उन चुनिंदा कद्दावर नेताओं में से हैं जिन्हें राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर संगठन चलाने का लंबा और गहरा तजुर्बा है। पार्टी के भीतर उनकी मजबूत पकड़ और बेबाक अंदाज के लिए उन्हें जाना जाता है। शीर्ष नेतृत्व को पूरा भरोसा है कि उनका यह विशाल संगठनात्मक अनुभव कर्नाटक कांग्रेस में नई जान फूंकने का काम करेगा।
कार्यकर्ताओं में नया जोश, बधाई देने का सिलसिला शुरू
इस आधिकारिक घोषणा के बाद से ही कर्नाटक कांग्रेस के भीतर हलचल तेज हो गई है। बेंगलुरु सहित राज्य के विभिन्न जिलों में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच भारी उत्साह का माहौल है। नए अध्यक्ष के सामने अब सभी गुटों को एक साथ लेकर चलने और संगठन को चुनावी मोड में बनाए रखने की एक बड़ी और कड़क चुनौती होगी।







