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हवाला से आनी थी 50 लाख की रिश्वत, घटिया सैंपल्स किए पास; आर्मी ऑर्डनेंस कॉर्प्स के कर्नल पर CBI का शिकंजा। पुलिस की खुली नींद, चोरों ने उड़ाया 3100 मीटर हाईवोल्टेज तार; बांकीमोगरा क्षेत्र में ‘सफेदपोश’ सरगनाओं के प्यादे सक्रिय! : 🚨 अलार्मिंग रिपोर्ट: 2026 में दुनिया पर मंडराया ‘सुपर एल नीनो’ का खतरा, भारत में सूखे और महंगाई की आशंका “एक्के नम्बर, सब्बो बर…”: कोरबा में अब हाईटेक कैमरों और GPS से लैस Dial-112 गाड़ियां करेंगी जनता की सुरक्षा ‘आर्थिक तूफान सिर पर, PM इटली में टॉफी बांट रहे हैं’: रायबरेली-अमेठी में राहुल गांधी का मोदी सरकार पर तीखा हमला कोरबा के बुधवारी मैदान में ‘छत्तीसगढ़ी डिज्नीलैंड मेले’ की धूम, उमड़ रही भारी भीड़
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हवाला से आनी थी 50 लाख की रिश्वत, घटिया सैंपल्स किए पास; आर्मी ऑर्डनेंस कॉर्प्स के कर्नल पर CBI का शिकंजा।

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नई दिल्ली / कोलकाता 21 मई : केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक बड़े भ्रष्टाचार रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए भारतीय सेना के एक मौजूदा कर्नल को 50 लाख रुपये की कथित रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आरोपी सैन्य अधिकारी की पहचान कर्नल हिमांशु बाली के रूप में हुई है, जो कोलकाता में ईस्टर्न कमांड के तहत आर्मी ऑर्डनेंस कॉर्प्स में तैनात हैं। कर्नल पर कानपुर की एक निजी कंपनी को अवैध रूप से सेना का टेंडर दिलाने और फर्जी बिल पास करने का गंभीर आरोप है।

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कानपुर की कंपनी पर मेहरबानी और साठगांठ

प्राप्त जानकारी के अनुसार CBI द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के मुताबिक, कर्नल बाली ने कानपुर स्थित फर्म ‘ईस्टर्न ग्लोबल लिमिटेड’ के निदेशकों को फायदा पहुंचाने के बदले मोटी रकम की मांग की थी। जांच एजेंसी का दावा है कि कर्नल, प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टर और अन्य आरोपियों ने मिलकर एक सिंडिकेट बनाया था। इस समूह ने अवैध लाभ के बदले टेंडर हासिल करने और बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए बिलों को पास कराने के लिए आपस में साठगांठ की थी।

पार्क स्ट्रीट मीटिंग से हवाला रूट तक: ऐसे खुला राज

CBI की जांच में इस पूरे खेल को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं:

  • सीक्रेट मीटिंग: 22 अप्रैल को कर्नल हिमांशु बाली ने कोलकाता के पॉश इलाके पार्क स्ट्रीट में कंपनी के प्रतिनिधियों से गुप्त मुलाकात की थी।

  • 48 घंटे में टेंडर: इस मुलाकात के महज दो दिन बाद, यानी 24 अप्रैल को नियमों को ताक पर रखकर कानपुर की कंपनी को बड़ा टेंडर अलॉट कर दिया गया।

  • 50 लाख की डिमांड: टेंडर मिलने के बाद, 16 मई को कर्नल बाली ने रिश्वत की बाकी बची 50 लाख रुपये की रकम मांगी।

  • हवाला नेटवर्क: जांच एजेंसी के अनुसार, घूस की यह भारी-भरकम राशि कर्नल तक पहुंचाने के लिए हवाला रूट का इस्तेमाल किया जा रहा था।

घटिया सैंपल्स और फर्जी बिलों को दी मंजूरी

कर्नल बाली पर न सिर्फ टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर करने का आरोप है, बल्कि उन्होंने सेना की सुरक्षा और गुणवत्ता से भी समझौता किया। एफआईआर के मुताबिक, उन्होंने कंपनी के घटिया क्वालिटी (सब-स्टैंडर्ड) वाले सैंपल्स को पास कर दिया था। इसके अलावा, कंपनी के पेंडिंग पड़े और बढ़ा-चढ़ाकर बनाए गए फर्जी बिलों को भी क्लियर कराया गया था।

CBI का अगला कदम: सीबीआई ने कर्नल बाली और प्राइवेट ठेकेदार समेत चार अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कर्नल को गिरफ्तार कर लिया है। इस सिंडिकेट में शामिल कुछ अन्य अज्ञात लोग भी रडार पर हैं, जिनकी तलाश जारी है।

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